राजस्थान सियासी ड्रामा: बीजेपी में शामिल नहीं होंगे सचिन पायलट, जनता के लिए जारी रखेंगे काम

राजस्थान सियासी ड्रामा: बीजेपी में शामिल नहीं होंगे सचिन पायलट, जनता के लिए जारी रखेंगे काम

Bhaskar Hindi
Update: 2020-07-15 04:10 GMT
राजस्थान सियासी ड्रामा: बीजेपी में शामिल नहीं होंगे सचिन पायलट, जनता के लिए जारी रखेंगे काम
हाईलाइट
  • बोले- मैं बीजेपी में नहीं जा रहा हूं
  • जनता के लिए करूंगा काम
  • सियासी घमासान के बीच सचिन पायलट का बड़ा खुलासा

डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान में जारी सियासी घमासान के बीच बुधवार को नया मोड़ आ गया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के बागी नेता सचिन पायलट ने खुलासा किया है कि, वह बीजेपी में नहीं शामिल होंगे। दरअसल मंगलवार को उप-मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद सचिन पायलट का पहला इंटरव्यू सामने आया है। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, गहलोत सरकार में राजस्थान के विकास के कार्य नहीं करने दिए गए। अफसरों को भी उनके आदेश नहीं मानने का ऑर्डर था। पायलट ने कहा, ऐसे पद का क्या फायदा जब जनता से किए वादे पूरे न कर सकें।

इंटरव्यू में जब सचिन पायलट से पूछा गया कि, वह मुख्यमंत्री गहलोत से आखिर नाराज क्यों हैं? इसके जवाब में उन्होंने कहा, वह गहलोत से नाराज नहीं है। उन्होंने गहलोत से कोई खास ताकत भी नहीं मांगी थी। वह सिर्फ ये चाहते थे कि जनता से किए गए वादों को पूरा किया जाए।

राहुल गांधी के कहने पर बना था डेप्युटी सीएम-पायलट
बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर सचिन पायलट ने कहा, यह साफ कर दूं कि मैं बीजेपी ज्वाइन नहीं कर रहा हूं। फिलहाल इतना ही कह सकता हूं कि लोगों के लिए काम करना जारी रखूंगा। पायलट ने कहा, उन्होंने बिना किसी दिक्कत के अशोक गहलोत को सीएम बनाने के राहुल गांधी के फैसले को माना। सचिन ने कहा, वह डेप्युटी सीएम भी नहीं बनना चाहते थे लेकिन राहुल के कहने पर वह बने।

"गहलोत ने सत्ता में आने के बाद कुछ नहीं किया"
सचिन पायलट से जब पूछा गया, आखिर उन्होंने बगावती सुर अपनाने की बजाय पार्टी के अंदर चर्चा क्यों नहीं की? इस पर उन्होंने कहा, पार्टी के अंदर बातचीत का कोई मंच बचा ही नहीं था। पायलट ने यह भी कहा कि, सीएम गहलोत ने सत्ता में आने के बाद कुछ नहीं किया।

कांग्रेस पार्टी ने पायलट पर लिया कड़ा ऐक्शन 
दरअसल राजस्थान में बागी तेवरों वाले सचिन पायलट को करीब तीन दिन मनाने की कोशिश की गई, लेकिन इसमें नाकाम रहने के बाद कांग्रेस ने मंगलवार को कड़ा ऐक्शन लिया। पायलट को उपमुख्यमंत्री और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। साथ ही उनके दो समर्थक मंत्रियों विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा से भी मंत्री पद छीन लिया गया। पायलट की जगह ओबीसी नेता गोविंद सिंह डोटासरा को राजस्थान कांग्रेस का अध्यक्ष बना दिया गया।

गहलोत सरकार पर संकट गहराया
सचिन पायलट की बगावत के बाद गहलोत सरकार पर संकट गहराया गया है। दूसरी ओर बीजेपी पायलट और उनके समर्थक विधायकों के स्वागत के लिए तैयार बैठी थी, लेकिन बुधवार को पायलट ने यह कहकर सस्पेंस बढ़ा दिया कि, वह बीजेपी में नहीं जा रहे हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि, आखिर वह अब क्या करने वाले हैं। 

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