तीन मीट्रिक टन डीएपी खाद की रेक पहुंची बालाघाट

किसानों को मिली राहत तीन मीट्रिक टन डीएपी खाद की रेक पहुंची बालाघाट

Bhaskar Hindi
Update: 2021-08-12 12:38 GMT
तीन मीट्रिक टन डीएपी खाद की रेक पहुंची बालाघाट

डिजिटल डेस्क  बालाघाट । पखवाड़े से ज्यादा वक्त से डीएपी एवं यूरिया खाद के संकट से जूझ रहे किसानों को फौरी राहत मिलेगी। गुरुवार को तीन हजार मीट्रिन टन डीएपी खाद की एक रेक बालाघाट पहुंची है। एक-दो दिन के भीतर 2700 मीट्रिक टन यूरिया की एक रेक पहुंचने की जानकारी विभागीय तौर पर मिली है। उल्लेखनीय है कि जिले भर की सोसायटी एवं निजी प्रतिष्ठानों में कहीं पर भी डीएपी खाद नहीं होने से किसान परेशान हो रहे थे। किसान रोजाना सोसायटियों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन खाद नहीं होने के कारण उन्हें मायूस होना पड़ रहा था। गुरुवार को तीन हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद की रेक पहुंचने से किसानों ने राहत की सांस ली है। जानकारी के अनुसार, खाद का उठाव होने के बाद जिले भर की सोसायटी में एक-दो दिन के भीतर खाद सप्लाई कर दी जाएगी। 
भेजा है प्रस्ताव 
इधर, दूसरी तरफ बालाघाट जिले में डीएपी एवं यूरिया खाद की डिमांड को देखते हुए कृषि विभाग द्वारा शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि हफ्ते भर के भीतर डीएपी खाद की एक और रेक पहुंच सकती है। चूंकि इन दिनों धान के पौधों की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए डीएपी की ज्यादा मांग है। 
90 फीसदी लगा धान का रोपा
जिले में 90 फीसदी किसानों ने धान फसल का रोपा लगा लिया है। जानकारी के अनुसार, इस खरीफ सीजन में 3 लाख हेक्टेयर में फसल लगाई जा रही है। जिसमें 2 लाख 70 हजार हेक्टेयर में धान का रोपा लगया जा रहा है। उपसंचालक कृषि सीआर गौर का कहना रहा कि जिले में 90 फीसदी किसानों ने धान का रोपा लगा लिया है और हफ्ते भर के भीतर खरीफ का लक्ष्य पूरा हो जाएगा।  
मौसम की बेरुखी, नहरों से छोड़ा पानी 
पिछले एक हफ्ते से मौसम की बेरुखी के चलते झमाझम बारिश नहीं हुई है। सिंचाई साधनों के अभाव में किसानों को सिंचाई करने में मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाए जाने को लेकर नहरों के जरिए पानी छोड़ा गया है ताकि किसान खेतों में लगी फसल को बचा सके। 
कीट व्याधि का प्रकोप
विभागीय तौर पर जानकारी के अनुसार, वर्तमान में खरीफ फसल धान में कीट व्याधि का प्रकोप देखने को मिल रहा है। कुछेक स्थानों पर तनाछेदक कीट देखने को मिल रहा है। विभागीय तौर पर निरीक्षण कर किसानों को सलाह दी जा रही है।  
इनका कहना है
पखवाड़े से जिले में डीएपी खाद का संकट था, लेकिन गुरुवार को तीन हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद की रेक पहुंच गई है। एक दो दिन के भीतर यूरिया की भी रेक पहुंचेगी। शीघ्र ही सोसायटियों को खाद का वितरण किया जाएगा ताकि किसान खाद का उठाव कर सकें।  
सीआर गौर, उपसंचालक कृषि
 

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