शिक्षा का स्तर सुधारने के नाम पर घूम आए दक्षिण कोरिया - रिजल्ट जीरो

शिक्षा का स्तर सुधारने के नाम पर घूम आए दक्षिण कोरिया - रिजल्ट जीरो

Bhaskar Hindi
Update: 2019-11-26 08:06 GMT
शिक्षा का स्तर सुधारने के नाम पर घूम आए दक्षिण कोरिया - रिजल्ट जीरो

डिजिटल डेस्क दमोह । दमोह जिला सहित प्रदेश के शासकीय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है ।इसका सबूत हाल ही में जारी एजुकेशन वल्र्ड इंडिया स्कूल रैकिंग की रिपोर्ट है जिसने शासकीय स्कूलों की पोल खोल दी है । रैकिंग में मध्यप्रदेश का एक भी शासकीय स्कूल शामिल नहीं है। इधर पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग बार बार दल दक्षिण कोरिया भेज रहा है। इस दल में दमोह के दो अधिकारी व प्राचार्य भी दक्षिण कोरिया की यात्रा कर  चुके हैं ।
यह थे सर्वेक्षण की विषय
 विद्यार्थियों की उपस्थिति, लीडरशिप मैनेजमेंट क्वालिटी, कौशल विकास, गतिविधि आधारित शिक्षा, सुरक्षा व स्वच्छता, सामुदायिक सेवा, अंतर्राष्ट्रीयकरण, अभिभावक भागीदारी, रुपए का महत्व, खेल आदि सर्वेक्षण के विषय थे।
 यह बनाई कैटेगरी
 एजुकेशन वल्र्ड की सर्वेक्षण के लिए 16 केटेगरी बनाई गई हैं। इसमें वाइज  बोर्डिंग, वाइज डे स्कूल, को -एंड बोर्डिंग, को- एंड- डे 100 ,को- एंड-डे 101-185,  को- एंड-डे 186-370, को- एंड- डे कम, बोर्डिंग स्कूल, गल्र्स बोर्डिंग,गल्र्स डे स्कूल, गवर्नमेंट बोर्डिंग ,गवर्नमेंट डे, इंटरनेशनल डे कम बोर्डिंग,  इंटरनेशनल डे स्कूल, इंटरनेशनल रेशिडेटीयल, बजट प्राइवेट स्कूल ,स्पेशल नीड स्कूल शामिल हैं ।
संभाग के  एक निजी स्कूल सहित प्रदेश के   54 स्कूल शामिल
 पोर्टल पर अन्य केटेगरी में प्रदेश के कई निजी स्कूल भी शामिल हैं। इसमें सागर संभाग में मात्र सागर का एक निजी स्कूल ही शामिल किया गया है ।जबकि दमोह जिले के किसी भी स्कूल को शामिल नहीं किया गया है। इस सूची में जिन स्कूलों को शामिल किया गया है उनमे प्रदेश के सभी 55 स्कूल निजी स्कूल हैं ।जहां महंगी शिक्षा के कारण गरीब लोग बच्चों को नहीं पढ़ा सकते हैं ।दमोह जिले का कोई भी निजी स्कूल भी इस रैकिंग में शामिल होकर भी स्थान नहीं पा सका। एजुकेशन वल्र्ड नामक शैक्षणिक पोर्टल प्रतिवर्ष स्कूलों की यह रैकिंग जारी करता है ।
दक्षिण कोरिया की यात्रा पर दो अधिकारी 
शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए अभी हाल ही में दक्षिण कोरिया की यात्रा पर दमोह जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी पी पी सिंह जो कि दमोह जिले का शिक्षा कार्यालय को तो संभाल नहीं पाए व शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए दक्षिण कोरिया की यात्रा पर गए थे। वहीं दूसरी ओर अभी हाल ही में मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री मुकेश नायक के भाई एवं दमोह के मॉडल स्कूल के प्राचार्य नरेंद्र नायक भी शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए दक्षिण कोरिया की यात्रा पर गए हैं। यात्रा पर भी उन अधिकारियों को भेजना चाहिए जो मूल रूप शिक्षा से जुड़े हैं लेकिन इस यात्रा में जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा जाना लोगों की समझ से परे आ रहा है ।
इनका कहना है 
 वर्तमान में जो रेकिंग जारी की गई है वह पूर्व सरकार का रिजल्ट है ।हमारे द्वारा इसको सुधारने के लिए बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ प्रभु राम चौधरी मंत्री स्कूल शिक्षा एवं प्रभारी मंत्री दमोह
 

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