उपसरपंच ने दी आत्मदाह की चेतावनी, पंचायत में भ्रष्टाचार और अफसरों की मजबूरी से क्षुब्ध 

उपसरपंच ने दी आत्मदाह की चेतावनी, पंचायत में भ्रष्टाचार और अफसरों की मजबूरी से क्षुब्ध 

Bhaskar Hindi
Update: 2019-08-21 07:43 GMT
उपसरपंच ने दी आत्मदाह की चेतावनी, पंचायत में भ्रष्टाचार और अफसरों की मजबूरी से क्षुब्ध 

डिजिटल डेस्क, शहडोल। जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम पंचायत देवगवां के उपसरपंच ने प्रशासकीय व्यवस्था से क्षुब्ध होकर आत्मदाह की चेतावनी दी है। उपसरपंच अरुण तिवारी ने जनसुनवाई में कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल व मुख्यमंत्री को प्रेषित आवदेन में आरोपित किया है कि दर्जनों शिकायतों के बावजूद देवगवां पंचायत में हुए भ्रष्टाचार के दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। विकास कार्य की सारी राशि कुछ लोगों की अवैध कमाई का जरिया बन चुका है। पंचायत प्रतिनिधि होने के बावजूद वे ग्रामीणों की अपेक्षा पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं क्योंकि कहीं सुनवाई ही नहीं हो रही है। आवेदन में उन्होंने उल्लेख किया है कि 7 दिन के भीतर न्यायसंगत कार्रवाई नहीं होती तो कलेक्ट्रट परिसर में अपनी जीवन लीला समाप्त करने की अनुमति दी जाए।

इन कार्यों में हुए भ्रष्टाचार

पंचायत में कई वर्ष से लगतार पौधरोपण हो रहा है, करोड़ों खर्च हुए एक भी पौधा वृक्ष नहीं बन पाए। ठाकुरबाबा तालाब कटहरी व पटासी मार्ग इसका उदाहरण है। सेमरिहा, कटहरी, देवगवां में स्वच्छता व मर्यादा अभियान के तहत बने शौचालय अनुपयोगी हैं। जरवाही में 14 शौचालयों का भुगतान आज तक नहीं हुआ। आंगनबाड़ी कटहरी, सामुदायिक भवन जरवाही में बिजली फिटिंग के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ। बिना प्रस्ताव के राशि आहरित की गई। फर्जी बिल, फर्जी हस्ताक्षर से राशि निकाली गई, पथरकटी नाला व बाउण्ड्रीवाल कार्य इसके उदाहरण हैं। 

बदहाल सड़कें, भुगतान अटका

उपसरपंच ने आवेदन में उल्लेख किया है कि पंचायत के जरवाही से मुख्य सड़क तथा सेमरिया से पंचायत भवन, माध्यमिक शाला पहुंच मार्ग तथा कटहरी से जरवाही देवगवां पहुंच मार्ग ये तीनों पंचायत की अहम रोड हैं जिनकी हालत बदहाल हो चुकी है। भेउदा नाला पुलिया निर्माण, बाउण्ड्रीवाल प्राथमिक शाला कटहरी, बम्हनी तलैया व ठूम पाइप पुल, सीसी रोड, खेल मैदान सेमरिहा, पथरकटी नाला नाला पुल निर्माण में मटैरियल का भुगतान आज तक शेष है। 

कमिश्नर-कलेक्टर से की शिकायत

उपसरपंच ने बताया कि वर्ष 2016 से लगातार शिकायतें की जा रही हंै। कमिश्नर, कलेक्टर व जिला पंचायत के पास जनसुनवाई में 14 से अधिक शिकायतें की गईं। जनपद को तो कोई मतलब ही नहीं रह गया है। एक बार शिकायत की जांच हुई, जिसमें आरोप सही पाए गए, लेकिन दोषियों पर आज तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई।

मिला कार्रवाई का आश्वासन

आवदेन पर कलेक्टर ललित दाहिमा द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। कलेक्टर ने जिला पंचायत अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शिकायतों की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।

Tags:    

Similar News