D कंपनी के 3 शूटर गिरफ्तार, UP शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को चाहते थे मारना

D कंपनी के 3 शूटर गिरफ्तार, UP शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को चाहते थे मारना

Bhaskar Hindi
Update: 2018-04-13 05:14 GMT
D कंपनी के 3 शूटर गिरफ्तार, UP शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को चाहते थे मारना

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। दिल्ली पुलिस ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम गैंग के तीन गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया है। ये तीनों डी कंपनी के लिए काम करते हैं। पुलिस ने इन तीनों को बुलंदशहर से गिरफ्तार किया है। ये तीनों दाऊद इब्राहिम के आदेश पर उत्तर प्रदेश के शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी को मारने की साजिश कर रहे थे। पुलिस ने तीनों अपराधियों के नाम उजागर किए हैं। आरोपियों के नाम हैं, आरिफ, अबरार और सलीम। 


रिजवी ने जनवरी में उन्हें फोन पर दाऊद की ओर से धमकी मिलने की शिकायत भी दर्ज कराई थी। जिसके बाद से पुलिस धमकी देने वाले गुर्गों की तलाश कर रही थी। दिल्ली पुलिस को सूचना मिली थी कि बुलंदशहर में दाऊद के कुछ गुर्गे बड़ी प्लानिंग कर रहे हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा और आरिफ, अबरार और सलीम को गिरफ्तार कर लिया। ये तीनों लगातार दाऊद के संपर्क में थे। जनवरी में वसीम रिजवी को फोन पर जान से मारने की धमकी मिली थी। इसके बाद उन्होंने दाऊद इब्राहिम के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उनकी सुरक्षा भी बढ़ा दी थी।

 

 

वसीम रिजवी ने शिकायत में बताया था कि उन्हें फोन करने वाले अंजान शख्स ने खुद को डी कंपनी का आदमी बताया और भाई के नाम से धमकी दी। उन्हें यह धमकी मदरसा शिक्षा बोर्ड की आलोचना करने की वजह से दी गई थी। वसीम रिजवी शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन हैं और वे अयोध्या में विवादित जगह पर राम मंदिर बनाए जाने के पक्षधर हैं। उन्होंने अयोध्या में मंदिर और लखनऊ में मस्जिद-ए-अमन बनाने का प्रस्ताव भी रखा था। जिसके बाद से ही उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं।

 

                                                                                                        (वसीम रिजवी)

वसीम रिजवी ने कुछ दिन पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को एक लिस्ट भी भेजी थी। इसमें कुछ मस्जिदों के नाम थे। रिजवी का दावा था कि ये मस्जिदें मुगलकाल में मंदिर तोड़कर बनाई गईं। उनका कहना है कि ये सभी मस्जिदें हिंदुओं को सौंप दी जानी चहिए।

 
बता दें कि पिछले दिनों दाऊद के काफी करीबी सहयोगी फारूक टकला को गिरफ्तार किया गया था। उसे दुबई से भारत लाया गया था। टकला 1993 मुंबई बम ब्लास्ट के बाद से ही विदेश भाग गया था। इतना ही नहीं, दाऊद भी 1993 मुंबई बम ब्लास्ट का मुख्य आरोपी है। 

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