CCD के मालिक वीजी सिद्धार्थ का शव मिला, पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार

CCD के मालिक वीजी सिद्धार्थ का शव मिला, पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार

Bhaskar Hindi
Update: 2019-07-31 02:23 GMT
हाईलाइट
  • कर्नाटक के पूर्व सीएम एसएम कृष्णा के दामाद और कैफे कॉफी डे के मालिक वीजी सिद्धार्थ का शव मिला
  • सोमवार से लापता सिद्धार्थ का शव 36 घंटे बाद बरामद हुआ

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरू। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के दामाद और कैफे कॉफी डे के मालिक वीजी सिद्धार्थ का शव मिल गया है। सिद्धार्थ सोमवार शाम से लापता थे, 36 घंटे बाद बुधवार को उनका शव मेंगलुरु के होयगे बाजार के नजदीक नेत्रावती नदी से बरामद हुआ है। अब सिद्धार्थ का पोस्टमार्टम होगा, उसके बाद उनका शव परिवार को सौंपा जाएगा। आज ही उनका अंतिम संस्कार भी किया जाएगा। बता दें कि, तटरक्षक बल, गोताखोर और मछुआरे सहित लगभग 200 लोगों का दल मेंगलुरु के पास नेत्रावती नदी में उनकी तलाश करने में लगा था। 

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा बेंगलुरु में अपने आवास से बेलूर तालुक के लिए रवाना हो गए हैं, जहां उनके दामाद वीजी सिद्धार्थ का अंतिम संस्कार होगा।

श्रृंगेरी विधायक टीडी राजेगौड़ा ने बताया, सिद्धार्थ के परिवार के सदस्यों ने फैसला किया है कि अंतिम संस्कार पैतृक गांव बेलूरू तालुक में किया जाएगा। सिद्धार्थ की मौत को लेकर टीडी राजेगौड़ा ने ये भी कहा कि, वह इनकम टैक्स के टॉर्चर से परेशान थे, अपने सभी कर्ज को निपटाने के लिए वह 2-3 संपत्तियों को बेचना चाहते थे क्योंकि उनके पास देनदारियों की तुलना में अधिक संपत्ति थी।

गौरतलब है कि, वीजी सिद्धार्थ सोमवार को अपनी इनोवा कार से बिजनेस ट्रिप पर चिक्कमगलुरु गए थे। वहां से उन्हें केरल के लिए रवाना होना था, लेकिन उन्होंने ड्राइवर से मंगलुरु के पास जेपीना मोगारू में नेशनल हाईवे पर अपनी कार रोकने के लिए कहा। ड्राइवर ने बताया था, सिद्धार्थ नेत्रावती नदी के पुल पर कार से यह कहकर उतर गए कि वह थोड़ी देर टहलना चाहते हैं, ड्राइवर को पुल के दूसरे छोर पर इंतजार करने के लिए बोलकर वह चले गए लेकिन एक घंटे बाद भी नहीं लौटे। जिस वक्त सिद्धार्थ कार से उतरे उस वक्त वह फोन पर किसी से बात कर रहे थे। इसके बाद ड्राइवर ने सिद्धार्थ का इंतजार किया, लेकिन जब वह आधे घंटे बाद भी नहीं लौटे। जब सिद्धार्थ वापस नहीं आए तो ड्राइवर ने उनको फोन किया, लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ हो गया। ड्राइवर ने सिद्धार्थ के परिवार को तुरंत इस घटना की जानकारी दी।

सिद्धार्थ के ड्राइवर ने दर्ज कराई थी शिकायत
सिद्धार्थ के ड्राइवर बसवराज पाटिल ने मेंगलुरु में एक पुलिस स्टेशन में मामला भी दर्ज कराया था कि उनके मालिक पुल से लापता हो गए। बता दें कि जेपीना मोगारू, जहां से सिद्धार्थ लापता हो गए थे, वह नेत्रावती नदी के तट पर स्थित है। सिद्धार्थ के लापता होने के बाद मंगलवार को उनका एक पत्र सामने आया था, जिसमें उन्होंने अपनी परेशानियों का जिक्र किया था। पत्र मिलने के बाद और ड्राइवर की शिकायत के आधार पर पुलिस को आशंका थी कि उन्होंने आत्महत्या की है।

मंगलवार को सामने आई थी चिट्ठी
वीजी सिद्धार्थ ने अपने स्टाफ के लिए भावुक खत में लिखा कि, मैं काफी लंबे समय से लड़ रहा हूं, लेकिन अब हार मानता हूं। जिन लोगों ने मुझ पर विश्वास किया उन्हें निराश करने के लिए माफी चाहता हूं। पत्र में CCD के मालिक ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर और सीसीडी परिवार से कहा, 37 साल बाद वह अपनी तमाम कोशिशों के बाद भी एक सही और फायदे वाला बिजनस मॉडल नहीं तैयार कर सके। वीजी सिद्धार्थ ने लिखा, 37 वर्षों के कड़े परिश्रम से अपनी कंपनियों में 30 हजार नौकरियों को सृजित किया। लेकिन अपने तमाम प्रयासों के बावजूद इन कंपनियों को लाभ का बिजनेस बनाने में नाकाम रहे। मुझ पर कर्जदाताओं का बहुत दबाव है। किसी को धोखा देना मकसद कभी नहीं रहा, लेकिन एक उद्यमी के रूप में मैं फेल रहा। उम्‍मीद है कि आप लोग इसको समझेंगे और मुझे माफ कर देंगे।

जानिए कौन थे वीजी सिद्धार्थ
वीजी सिद्धार्थ चिक्कमगलुरु के रहने वाले थे। उनकी शादी कर्नाटक के पूर्व सीएम एसएम कृष्णा की बेटी से हुई थी। पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद सिद्धार्थ ने मुंबई में जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड में काम करना शुरू किया था। बाद में वह बेंगलुरु चले गए और सिवन सिक्योरिटीज के नाम से एक कंपनी शुरू की। 2000 में उन्होंने इस कंपनी का नाम बदलकर ग्लोबल टेक्नोलॉजी वेंचर्स रख दिया, साथ ही उन्होंने कैफे कॉफी डे श्रृंखला भी शुरू की। उन्हें चिक्कमगलुरु कॉफी को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने का श्रेय दिया जाता है।

 

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