महाराष्ट्र: CM उद्धव ठाकरे के साथ इन 6 नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

महाराष्ट्र: CM उद्धव ठाकरे के साथ इन 6 नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

Bhaskar Hindi
Update: 2019-11-28 16:16 GMT
महाराष्ट्र: CM उद्धव ठाकरे के साथ इन 6 नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र सियासत के इतिहास में पहली बार ठाकरे परिवार के किसी सदस्य ने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने गुरुवार शाम 6.40 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का राज तिलक किया। उद्धव, महाराष्ट्र के 19वें मुख्यमंत्री बने हैं। इस दौरान सीएम उद्धव के साथ शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और कांग्रेस के दो-दो नेताओं ने भी शपथ ली। जानिए किन 6 नेताओं ने शपथ ग्रहण की है :

छगन भुजबल
मस्तमौला नेता के तौर पर पहचाने जाने वाले NCP के नेता छगन भुजबल महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं। छगन भुजबल मुंबई में सब्जी बेचा करते थे, जो बाल ठाकरे के भाषणों से बहुत प्रभावित थे। वह 60 के दशक में बाल ठाकरे से जुड़े और फिर राजनीति में कदम रख लिया। भुजबल का शिवसेना से बहुत खास रिश्ता रहा है, लेकिन 1990 में बाल ठाकरे ने मनोहर जोशी को विपक्ष का नेता बनाया, जबकि इस कुर्सी पर भुजबल विराजमान होना चाहते थे। माना जाता है कि इसी वजह से वह शिवसेना से अलग हुए थे। इसके बाद शिव-सैनिकों ने भुजबल के बंगले पर हमला करने की कोशिश भी की थी।

2004 से 2014 तक छगन भुजबल PWD मंत्री रह चुके हैं। इस दौरान उन पर भ्रष्टाचार के अनेकों आरोप लगे। 2014 में सत्ता से बाहर होने के बाद भुजबल की मुसीबतें बढ़ती ही चली गई और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 मार्च 2016 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 2 साल से भी ज्यादा जेल की सजा काटने के बाद 2018 में उन्हें बहुत मुश्किल से जमानत मिली। इससे पहले पांच बार उनकी जमानत याचिकाएं कोर्ट द्वारा खारिज की गई थी, लेकिन उनकी बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य को देखते हुए कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी।

जयंत पाटिल
NCP के जयंत पाटिल, पार्टी प्रमुख शरद पवार के बेहद करीबी नेताओं में से एक हैं। 1999 से 2008 तक महाराष्ट्र में चली कांग्रेस और NCP की गठबंधन सरकार में पाटिल वित्त मंत्री रह चुके हैं। साल 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद प्रदेश के तत्कालीन गृह मंत्री आरआर पाटिल ने अपने गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद पाटिल प्रदेश के गृह मंत्री बने। इसके अलावा वह पृथ्वीराज चव्हाण सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री भी रह चुके हैं। बता दें कि पाटिल के नाम प्रदेश विधानसभा में 9 बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड है।

सुभाष देसाई
शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाने वाले 77 वर्षीय सुभाष देसाई, महाराष्ट्र के उद्योग और खनन मंत्री रह चुके हैं। सुभाष, बाल ठाकरे के करीबी नेता भी रहे हैं। सुभाष ने अपने करियर की शुरूआत पत्रकारिता से की थी, लेकिन बाद में बालासाहेब की बात मानते हुए उन्होंने राजनीति में कदम रखा। वह 1990, 2004 और 2009 में गोरेगांव से विधायक रह चुके हैं। इसके अलावा वह 2009 से 2014 तक शिवसेना के विधायक दल के नेता भी रहे हैं।

बालासाहेब थोराट
कांग्रेस के दिग्गज नेता बालासाहेब थोराट कृषि मंत्री और राजस्व मंत्री के तौर पर महाराष्ट्र में अपनी सेवा दे चुके हैं। मौजूदा समय में थोराट महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष हैं। बता दें कि वह 288 विधायकों में से एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्होंने 8 बार विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की है।

नितिन राउत
कांग्रेस के नितिन राउत महाराष्ट्र सरकार में पहले भी कैबिनेट मिनिस्टर रह चुके हैं। नितिन 2007 से 2009 तक प्रदेश के उप गृह मंत्री रहे हैं। वह सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहते हैं और उन्हें गरीबों और दलितों का नेता माना जाता है। साथ ही वह "संकल्प" नाम के एक गैर शासकीय संगठन से भी जुड़े हुए हैं, जो जनकल्याण के लिए कार्य करता है। बता दें कि शपथ ग्रहण समारोह से पहले महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण शपथ लेने वाले थे, लेकिन आदर्श सोसायटी घोटाले में उनका नाम आने के बाद उनका पत्ता साफ हो गया और नितिन राउत को मंत्री बनाने का फैसला लिया गया।

एकनाथ शिंदे
ठाणे के कोपरी पंचपखाड़ी विधानसभा सीट पर 2004 से 2019 तक लगातार जीत हासिवल करने वाले शिवसेना के दिग्गज नेता एकनाथ शिंदे वर्तमान में पार्टी विधायक दल के नेता हैं। वह प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। एकनाथ शिंदे फडणवीस सरकार में महाराष्ट्र के PWD मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने अक्टूबर 2014 से दिसंबर 2014 तक प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका भी निभाई हैं।

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