जयपुर में भारत बंद से आहत RSS पदाधिकारी ने खुद को लगाई आग

जयपुर में भारत बंद से आहत RSS पदाधिकारी ने खुद को लगाई आग

Bhaskar Hindi
Update: 2018-04-09 06:11 GMT

डिजिटल डेस्क, जयपुर। जयपुर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी ने खुद को पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। आग लगाने के बाद पदाधिकारी 100 मीटर तक जलता हुआ भारत माता जयकारे लगाते हुए दौड़ता रहा। बीच सड़क पर जलते हुए आदमी को भागते देखकर लोग हैरान रह गए। इसके बाद आनन-फानन में लोगों ने पानी डालकर आग बुझाई। पदाधिकारी रघुवीर शरण को एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। बता दें रघुवीर शरण करीब 80% तक झुलस गए हैं। 

 
खुदकुशी के प्रयास के पहले किया घर पर फोन

बताया जा रहा है कि आग लगाने के पहले रघुवीर शरण ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी डाली थी, जिसमें उन्होंने लिखा था कि "स्वप्न में मैंने भारत माता की वह करुण चीत्कार सुनी और देखा कि चारों तरफ गिद्ध मंडरा रहे हैं। हम दूसरों के बहकावे में आ जाते हैं तो हमारा विवेक शून्य हो जाता है, लोग भाई से भाई को लड़वाकर अपना स्वार्थ सिद्ध करना चाहते हैं। बता दें कि रविवार सुबह पांच बजे वे अकेले ही मॉर्निग वॉक के घर से निकले थे, तभी आम्रपाली सर्किल के पास खुद के शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। इससे पहले उन्होंने घर पर फोन भी किया था।

 

अस्पताल में जब रघुवीर शरण को होश आया तो उन्होंने पुलिस को बयान दिया कि समाज में फैल रही कटुता से परेशान होकर मैंने खुद को आग लगाई है। वहीं, इस मामले में पुलिस का कहना है कि शुरूआती जांच में रघुवीर शरण ने घरेलू परेशानी से परेशान होकर खुद को आग लगाईं, अभी जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि रघुवीर शरण क्राउन प्लाजा स्थित फ्लैट में रहते हैं। नर्सरी सर्किल के पास किरण मेडिकल्स के नाम से उनकी मेडिकल की दुकान भी है। 

 

आरएसएस की शाखा लगाते हैं शरण

रघुवीर शरण रोजाना आम्रपाली सर्किल के पास आरएसएस की शाखा लगाते हैं। वह बीते कुछ दिनों ने देश में बढ़ रही कटुता को लेकर बातें कर रहे थे। किसी को उम्मीद नहीं थी कि वह ऐसा कोई कदम उठाने की सोच रहे हैं। रघुवीर ने अपने बयान कहा कि वह एससी-एसटी एक्ट को लेकर हुए दलित आंदोलन से आहत हैं। प्रदर्शन के दौरान जिस तरह से ऊंची जातियों के खिलाफ अपशब्द कहे गए, उन्हें निशाना बनाया गया, इससे दुखी होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। वह आरक्षण और जातिवाद से भरे इस समाज में नहीं जीना चाहते है।   

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