Petrol-Diesel Bulk Purchase Ban: सरकार ने पेट्रोल पंप से बड़ी मात्रा में पेट्रोल खरीदने पर लगाई रोक, डीजल खरीद की लिमिट भी तय की

सरकार ने पेट्रोल पंप से बड़ी मात्रा में पेट्रोल खरीदने पर लगाई रोक, डीजल खरीद की लिमिट भी तय की
मोदी सरकार ने देश के पेट्रोल पंपों से भारी मात्रा में इंडस्ट्रियल पेट्रोल और डीजल खरीदने पर अस्थायी रोक लगा दी है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका के बीच चल रही तनातनी के चलते दुनिया भर में कच्चे तेल की आपूर्ति पर असर देखने को मिल रहा है। भारत में इसका प्रभाव पड़ा है और इसी बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की थोक खरीद पर बड़ा फैसला लिया है। मोदी सरकार ने देश के पेट्रोल पंपों से भारी मात्रा में इंडस्ट्रियल पेट्रोल और डीजल खरीदने पर अस्थायी रोक लगा दी है। नए नियमों के बाद इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल ग्राहकों को अब अपनी जरूरत का ईंधन ऑथराइज्ड बल्क सप्लाई पॉइंट से लेना होगा। यह आदेश अस्थायी है और बाद में इसमें बदलाव किया जा सकता है। हालांकि, आम ग्राहक अब भी पहले की तरह ही पेट्रोल पंप से अपनी गाड़ी के लिए ईंधन खरीद सकते हैं।

90 दिनों के लिए लागू किया गया है आदेश

एक सरकारी आदेश के अनुसार, सरकार ने इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल ग्राहकों के पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीजल खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध शुरुआती तौर पर 90 दिनों के लिए लागू किया गया है। सरकार के आदेश के अनुसार अब इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल ग्राहकों को अपनी ईंधन आवश्यकता पेट्रोल पंपों के बजाय अधिकृत बल्क सेल पॉइंट्स (थोक बिक्री केंद्रों) से पूरी करनी होगी।

क्यों लिया गया यह फैसला

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में रिटेल आउटलेट्स के जरिए पेट्रोल और डीजल की मांग में असामान्य बढ़ोतरी देखी गई है। कंज्यूमर रिटेल और बल्क सेल की कीमतों में अंतर के कारण बड़े उपभोक्ता (इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल) पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीद रहे थे, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी।

प्रतिदिन के लिए सीमा तय की गई

नए नियमों के तहत पेट्रोल पंपों से डीजल की बिक्री केवल वाहनों के फ्यूल टैंक या पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) तक सीमित रहेगी। साथ ही प्रति ग्राहक या प्रति वाहन प्रतिदिन 200 लीटर तक डीजल खरीदने की लिमिट तय की गई है। सरकार का कहना है कि यह कदम जमाखोरी रोकने, ईंधन की समान उपलब्धता सुनिश्चित करने और देशभर में पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

बता दें कि, सरकार की ओर से लिए गए इस निर्णय से पहले कमर्शियल ग्राहक पेट्रोल पंपों से अपनी जरूरत के हिसाब से पेट्रोल और डीजल खरीद सकते थे। इसकी कोई लिमिट तय नहीं थी और वे जितना चाहें उतना ईंधन खरीद सकते थे।

Created On :   12 Jun 2026 12:34 PM IST

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