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Trade war: मंदी की चपेट में दुनिया की 90 फीसदी अर्थव्यवस्था ! भारत में भी असर- IMF


हाईलाइट

  • कमजोर होती जा रही है दुनिया की अर्थव्यवस्था !
  • ट्रे़ड वॉर के कारण मंदी की चपेट में आएगी दुनिया की 90 फीसदी अर्थव्यवस्था
  • इंटरनेशनल मोनेटरी फंड की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलीना जॉर्जिवा का दावा

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन डीसी। इंटरनेशनल मोनेटरी फंड (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलीना जॉर्जिवा दुनिया की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा दावा किया है।  जॉर्जिवा ने कहा है कि आने वाला समय दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। दुनिया के कुछ देशों के बीच चल रहे ट्रेड वॉर (व्यापार विवाद) के नतीजे नकारात्मक साबित होंगे। ट्रेड वॉर दुनिया की अर्थव्यवस्था को लगातार कमजोर करने का प्रयास कर रहा है।

प्रबंध निदेशक के तौर पर अपने पहले संबोधन में क्रिस्टलीना जॉर्जिवा ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर दशक के सबसे निचले स्तर पर आ सकती है। दुनिया की 90 फीसदी अर्थव्यवस्था के 2019 में मंदी के चपेट में आने की आशंका है। 

वैश्विक अर्थव्यवस्था वर्तमान में एक ही समय में कई कारकों की वजह (सिंक्रोनाइज्ड) से नरमी से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि इस व्यापक घोषणा का अर्थ है कि दुनिया की वृद्धि दर इस दशक की शुरुआत के बाद से अपने सबसे निचले स्तर तक पहुंच जाएगी। 

जॉर्जिवा ने कहा कि आईएमएफ चालू और अगले वर्ष के लिए अपने वृद्धि दर अनुमान को घटा रहा है। हालांकि इसके आधिकारिक संशोधित आंकड़े वह 15 अक्टूबर को जारी करेगा। पहले आईएमएफ ने 2019 में वैश्विक वृद्धि दर 3.2 प्रतिशत और 2020 में 3.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।

उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा, उभरते बाजार वाले कुछ देशों, जैसे भारत और ब्राजील में इस साल आर्थिक मंदी अधिक स्पष्ट होगी। चीन की विकास दर कई वर्ष तक तेजी से बढ़ने के बाद अब लगातार घटती जा रही है। 

उन्होंने कहा कि शोध दिखाते हैं कि व्यापार विवादों का प्रभाव व्यापक है और देशों को अर्थव्यवस्था में नकदी डालने के साथ एकरूपता से प्रतिक्रिया करने के लिए तैयार रहना चाहिए।उन्होंने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था के सामने एक और बड़ी चुनौती जलवायु परिवर्तन भी है। 


 


 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।