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Cryptocurrency Trading की सोच रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान, भारी नुकसान किए बिना बन सकता है अच्छा प्रॉफिट

Cryptocurrency Trading की सोच रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान, भारी नुकसान किए बिना बन सकता है अच्छा प्रॉफिट

हाईलाइट

  • भारत में क्रिप्टो करेंसी की ट्रेडिंग में लोगों का रुझान अचानक बढ़ा
  • एथेरियम और बिटकॉइन के बारे में चर्चा आम
  • कुछ सुझाव आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में क्रिप्टोकरेंसी की ट्रेडिंग में लोगों का रुझान अचानक बढ़ा है। एथेरियम और बिटकॉइन के बारे में चर्चा आम हो गई है। यदि आप भी क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग की सोच रहे हैं, तो कुछ सुझाव आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। यहां हम आपको कुछ पॉइंट बता रहे हैं जिनका आपको पालन करना चाहिए, ताकि आप अपने ट्रेडों में भारी नुकसान किए बिना समझदारी से प्रॉफिट बना सके।

छोटे से शुरुआत करें
अप्रैल 2021 में बिटकॉइन ने अपने ऑल-टाइम हाई $64,863 को हिट किया था। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि बिटकॉइन के लॉन्च के बाद से लगभग 24,000 प्रतिशत का आरओआई (निवेश पर वापसी) मुंह में पानी लाने वाला है। वहीं फंडामेंटली मजबूत माने जाने वाले एथेरियम ने लॉन्च होने के बाद से लगभग 68,000 प्रतिशत का आरओआई दिया है। पिछले तीन महीनों में, इसकी कीमतें $1,600 तक गिरी और लगभग $4,300 तक बढ़ी। इसका 52-सप्ताह का ट्रेंड बिटकॉइन की तरह ही है। केवल 219 डॉलर पर ट्रेडिंग करते हुए यह तेजी से बढ़कर 4,362 डॉलर पर पहुंच गया था। 

ये रिटर्न आकर्षक लग सकता हैं, लेकिन आप हमेशा छोटे से शुरुआत करें। केवल वही निवेश करें जो आप खोने को तैयार हैं। जोखिम उठाने की अत्यधिक क्षमता के बावजूद आपको ये बात याद रखना चाहिए कि क्रिप्टोकरेंसी बाजार बेहद अस्थिर है और रातोंरात मार्केट क्रैश हो सकता है। वर्तमान में $32,000 पर ट्रेड कर रहे बिटकॉइन ने पिछले 7 दिनों में 15.95 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। इथेरियम की कीमत करीब 1,900 डॉलर है, जो पिछले सप्ताह से लगभग 21 प्रतिशत कम है। इस तरह के उतार-चढ़ाव आम हैं और विशेषज्ञ आपके पूरे पोर्टफोलियो का 2% से अधिक क्रिप्टोकरेंसी को ऐलॉट नहीं करने की सलाह देते हैं। किप्टो के बाजार में उतरने से पहले इसकी अस्थिरता और गतिशीलता से परिचित होना महत्वपूर्ण है।

बिटकॉइन और एथेरियम जैसी करेंसियों में करें निवेश
हर एक इन्वेस्टर, अपनी जोखिम लेने की क्षमता के बावजूद, बाजार में ब्लू-चिप कंपनियों के लिए स्पेसफिक पोर्टफोलियो का अलॉकेशन करता है। स्थिर, बड़ी और प्रसिद्ध कंपनियां जो लगातार अच्छा रिटर्न देने के लिए जानी जाती हैं। क्रिप्टोक्यूरेंसी की दुनिया में, बिटकॉइन और एथेरियम कुछ हद तक ब्लू चिप्स हैं। बिटकॉइन और एथेरियम के ट्रेंड को देखकर निश्चित रूप आपक अज्ञात क्रिप्टोकरेंसी खरीदने की सोचेंग जो कम कीमतों पर रातोंरात सनसनी बन सकती है। लेकिन बिटकॉइन और एथेरियम क्रिप्टोकरेंसी बाजार को डोमिनेट करती हैं, इसलिए अन्य करेंसियों के विपरीत, उनमें हेराफेरी की संभावना कम है।

भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का उपयोग करें
क्रिप्टोक्यूरेंसी स्पेस में अस्पष्ट नियम है। ऐसे में कई क्रिप्टो आउटलेट्स पनप गए हैं जिससे घोटालों और धोखाधड़ी की संख्या में भी तेज वृद्धि हुई है। साउथ अफ्रीका के काजी भाइयों का हालिया मामला इसका एक उदाहरण है, जो अपने प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों के 3.6 अरब डॉलर मूल्य के बिटकॉइन लेकर गायब हो गया। हाल ही में फेडरल ट्रेड कमीशन ने बताया कि अक्टूबर 2020 और मार्च 2021 के बीच विभिन्न क्रिप्टोकरेंसी स्कैम में करीब 7000 अमेरिकन कंज्यूमर्स ने 80 मिलियन डॉलर से अधिक गंवा दिए। इसलिए एक्सपर्ट्स विश्वसनीय प्लेटफार्मों के माध्यम से ही ट्रेड करने की सलाह देते हैं।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक क्रिप्टोकरेंसी में ऐसे प्लेटफॉर्म के जरिए ही ट्रेड करें जिसकी बाजार में अच्छी रेपुटेशन है, साथ ही क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट भी है। यदि आप क्रिप्टो में लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करना चाहते हैं तो हार्डवेयर वॉलेट होना बेहद जरुरी है क्योंकि ये काफी सुरक्षित होते हैं। Binance और WazirX जैसे प्लेटफ़ॉर्म भी ऐसी वॉलेट सेवाएं प्रदान करते हैं। हालांकि यदि आप फ्रिक्वेंट ट्रेडर हैं, तो एक सॉफ्टवेयर वॉलेट से आपका काम चलल जाएगा।

ग्लोबल और होम डेवलपमेंट पर नजर रखें
एलोन मस्क ने बिटकॉइन के बारे में ट्वीट किया, चीन ने क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग पर नकेल कसी, अल साल्वाडोर ने बिटकॉइन को वैध बनाया, आरबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के सर्कुलर के साथ अपने रुख और समर्थन को स्पष्ट किया जिसने क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग की अनुमति दी थी- ये सभी प्रमुख डेवलपमेंट हैं जिसने मार्केट मूवमेंट को नाटकीय रूप से प्रभावित किया। इसलिए हमेशा भारत और विश्व स्तर पर, इन वैकल्पिक मुद्राओं की कीमत को प्रभावित करने वाले सभी डेवलपमेंट पर नजर रखें।

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राजस्थान में सियासी घमासान फिर तेज, मंत्रिमंडल विस्तार पर गहलोत-पायलट आमने सामने


डिजिटल डेस्क, जयपुर। पंजाब में जब से कांग्रेस हाईकमान ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को दरकिनार कर कांग्रेस प्रदेश कमेटी का अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को बनाया है, तब से राजस्थान में पायलट गुट का भी जोश हाई है। अब पायलट गुट के दबाव के कारण मंत्रिमंडल पर नए सिरे से चर्चा हो रही है। मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल पर अशोक गहलोत और सचिन पायलट गुट के बीच तलवारें खिंच गईं हैं,  दोनों गुट आमने-सामने आ गये हैं। फिलहाल विस्तार की कोई तारीख तय नहीं है लेकिन यह माना जा रहा है कि अगले महीने इस पर कोई फैसला लिया जा सकता है। अभी गहलोत कैबिनेट में 9 पद खाली हैं। अगर कांग्रेस 'एक व्यक्ति एक पद' के फॉर्मूले को मानती है तो शिक्षा राज्य मंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा को अपना पद छोड़ना होगा। वैसे गोविंद डोटासरा ने यह कहकर कि 'मैं दो-चार दिन का मेहमान हूं' अपने जाने के संकेत दे दिये हैं। एक पद विधानसभा उपाध्यक्ष का भी खाली है।   
 
आंकड़ों के हिसाब से गहलोत कैबिनेट में कुल 11 पद खाली हैं। लेकिन इन सभी पदों पर फिलहाल मंत्री नहीं बनाए जाएंगे। अंदेशा है कि विस्तार के बाद भी नाराजगी रह सकती है। उन हालातों का सामना करने के लिए फिलहाल कैबिनेट में दो या तीन पद खाली ही रखे जाएंगे। 
मत्रिमंडल विस्तार पर अगर पूरी तरह गहलोत हावी रहे तो 2 या 3 ही मंत्रियों की छुट्टी होगी। पर ये फैसला लेना भी गहलोत के लिए आसान नहीं होगा,  क्योंकि उन्हें उन लोगों के बीच फैसला लेना होगा जिन लोगों ने मुश्किल वक्त में उनका साथ दिया था। 
अगर विस्तार पर पायलट गुट का दबाव रहा तो फिर 6 से 7 मंत्री आउट होना तय माने जा रहे हैं। और, अगर आलाकमान ने प्रदर्शन को आधार माना तो कई मंत्रियों को जाना पड़ सकता है, लेकिन इसकी उम्मीद कम ही है। हालांकि, अजय माकन का 28-29 को जयपुर दौरा है। जिसमें वह जयपुर आकर हर विधायक से बात करेंगे। उसके बाद यह तय होगा कि कौन रहेगा और कौन जाएगा?   

इन मंत्रियों की कुर्सी पर खतरा


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इनकी हो सकती मंत्रिमंडल में एंट्री- पायलट गुट के 3 और गहलोत गुट के 7 चहेरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। 

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डोटासरा के बयान से उनके जाने के संकेत

प्रदेश में मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाऐं जारी हैं उस बीच शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर छा गया है। इसमें उनको राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डीपी जारोली से कहते सुना जा सकता हैं- ‘मेरे पास एक घंटे फाइल नहीं रुकेगी, आप सोमवार को आ जाओ। एक मिनट में निकाल दूंगा, जितनी कहोगे। मैं दो-पांच दिन का ही मेहमान हूं। मुझसे जो कराना है करा लो।’ इसके बाद बोर्ड अध्यक्ष डीपी जारोली ने हाथ जोड़कर कहा कि मैं आता हूं सर। इस वायरल वीडियो के बाद से ये कयास तेज हो गए हैं कि मंत्रिमंडल से डोटासरा की रवानगी तय है। 
 

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ओलंपिक में जिमनास्टिक खिलाड़ियों ने पहली बार पहने ऐसे कपड़े, जिसने देखा रह गए हैरान

ओलंपिक में जिमनास्टिक खिलाड़ियों ने पहली बार पहने ऐसे कपड़े, जिसने देखा रह गए हैरान

डिजिटल डेस्क, टोक्यो। टोक्यो ओलंपिक में पूरी दुनिया से आए हुए खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। खेल में अपनी प्रतिभा दिखाने के अलावा जर्मन की महिला जिमनास्टिक्स ने फ्रीडम ऑफ चॉइस यानी अपने मन के कपड़े पहनने की आजादी को अपने खेल के जरिए प्रमोट करने का फैसला किया है, जिससे उनकी हर तरफ चर्चा हो रही है। 

Germany Women's Gymnastics Team Wear Unitards at Olympics | POPSUGAR Fitness

जर्मनी की महिला जिमनास्ट रविवार को हुए टोक्यो ओलंपिक मुकाबले में फुल बॉडी सूट पहने नजर आई। खिलाड़ियों ने बताया कि इस सूट को फ्रीडम ऑफ चॉइस यानी अपनी पसंद के कपड़े पहनने की आजादी को बढ़ावा देने साथ ही महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए डिजाइन किया गया है जिसे पहनकर महिला खिलाड़ी आरामदायक महसूस कर सकें।

Germany's gymnasts wear body-covering unitards, rejecting 'sexualization' of sport - CNN 
 

जर्मनी की 4 जिमनास्ट जिनके नाम है पॉलीन शेफर-बेट्ज, सारा वॉस, एलिजाबेथ सेट्ज और किम बुई लाल और सफेद रंग के इस यूनिटार्ड सूट में नजर आई जो लियोटार्ड और लेगिंग्स को मिलाकर बनाया गया था। खिलाड़ी इसी को पहन कर मैदान में उतरीं थी। 

German gymnastics team, tired of 'sexualisation,' wears unitards | Deccan Herald
 

जर्मनी की टीम ने अपनी ट्रेनिंग में भी इसी तरह के कपड़े पहने हुए थे और अपने कई इंटरव्यूज में खिलाड़ियों ने कहा था कि इस साल फाइनल कॉम्पटीशन में भी वो फ्रीडम ऑफ चॉइस को प्रमोट करने के लिए इसी तरह के कपड़े पहनेंगी। खिलाड़ी सारा वॉस ने द जापान टाइम्स को बताया था यूनिटार्ड को फाइनल करने से पहले उन्होंने इस पर चर्चा भी की थी। सारा ने ये भी कहा कि जैसे जैसे एक महिला बड़ी होती जाती है, वैसे ही उसे अपने शरीर के साथ सहज होने में काफी मुश्किल होती हैं। हम ऐसा कुछ करना चाहते थे जिसमें हम अच्छे भी दिखे और सहज भी महसूस करें। चाहे वो कोई लॉन्ग यूनिटार्ड हो या फिर शॉर्ट। 

Germany Women's Gymnastics Team Wear Unitards at Olympics | POPSUGAR Fitness
 

सारा ने यह भी बताया कि उनकी टीम ने इससे पहले यूरोपीय चैंपियनशिप में भी इसी तरह का फुल बॉडी सूट पहना था और इसका उद्देश्य सेक्सुलाइजेशन को कम करना है। हम लोगों के लिए एक रोल मॉडल बनना चाहते थे जिससे वो हमे फॉलो कर सकें। जर्मन के खिलाड़ियों की लोग काफी प्रशंसा भी कर रहे हैं। 


ओलंपिक प्रतियोगिताओं में जिमनास्ट महिलाओं को फुल या हाफ बाजू के पारंपरिक लियोटार्ड ही पहनना होता है साथ ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में फुल कपड़े पहनने की अनुमति तो है लेकिन किसी भी महिला जिमनास्ट ने इस तरह के कपड़े नहीं पहने थे। यह पहली बार था जब जर्मन खिलाड़ी महिलाओं ने इस तरह के कपड़े पहने थे। 
बीते कुछ सालों में खेल प्रतियोगिताओं में महिलाओं के शारीरिक शोषण के बढ़ते मामलों को देख महिला खिलाड़ियो की चिंता बढ़ती जा रही है अब एथलीटों की सुरक्षा को देखते हुए नए सेफ्टी प्रोटोकॉल बनाए जा रहे हैं।