comScore

राहत: केंद्र ने जीएसटी मुआवजे के रूप में राज्यों को 36400 करोड़ रुपए जारी किए

June 05th, 2020 00:49 IST
राहत: केंद्र ने जीएसटी मुआवजे के रूप में राज्यों को 36400 करोड़ रुपए जारी किए

हाईलाइट

  • केंद्र ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए राज्यों के बकाया पूरे GST मुआवजे को जारी किया
  • फरवरी का अतिरिक्त मुआवजा भी दे दिया है, जिसकी गणना मौजूदा वित्त वर्ष 2021 में होगी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोनावायरस के प्रकोप के बीच राज्यों को राहत मुहैया कराने के एक कदम के तहत वित्त मंत्रालय ने दिसंबर 2019 से फरवरी 2020 की अवधि के जीएसटी मुआवजे के रूप में राज्यों को 36,400 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।

इसके साथ ही केंद्र ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए राज्यों के बकाया पूरे जीएसटी मुआवजे को जारी कर दिया है, और फरवरी का अतिरिक्त मुआवजा भी दे दिया है, जिसकी गणना मौजूदा वित्त वर्ष 2021 में होनी है।

केंद्र ने राज्यों को मुआवजा ऐसे समय में जारी किया है, जब वे लॉकडाउन और कारोबार पर उसके असर के कारण अप्रैल और मई में जीएसटी संग्रह में भारी गिरावट का सामना कर रहे हैं। कुछ राज्यों ने कहा है कि उनके अप्रैल जीएसटी संग्रह में 85-90 प्रतिशत तक की गिरावट हुई है।

वित्त मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है, कोविड-19 के कारण मौजूदा परस्थिति को ध्यान में रखते हुए, जहां राज्य सरकारों को अपने खर्च चलाने की जरूरत है, वहीं उनके संसाधनों पर विपरीत असर पड़ा है, केंद्र सरकार ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को दिसंबर 2019 से फरवरी 2020 तक की अवधि के लिए जीएसटी मुआवजे के रूप में 36,400 करोड़ रुपये आज चार जून, 2020 को जारी कर दिए।

अप्रैल से नवंबर की अवधि तक के जीएसटी मुआवजे के रूप में केंद्र ने कई चरणों में 1,15,096 करोड़ रुपए पहले ही जारी कर दिए हैं।

जीएसटी मुआवजा प्रत्येक दो महीने के अंत में जारी किया जाता है।

कमेंट करें
7TVX1
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।