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प्रॉपर्टी : गुड़गांव में सर्कल रेट बढ़ाने के प्लान के खिलाफ डेवलपर्स

प्रॉपर्टी : गुड़गांव में सर्कल रेट बढ़ाने के प्लान के खिलाफ डेवलपर्स

हाईलाइट

  • हरियाणा सरकार के सर्कल रेट बढ़ाने के प्रस्ताव से रियल एस्टेट प्रोजेक्ट प्रभावित होंगे
  • अनसोल्ड स्टॉक की मौजूदा सूची में भी इजाफा होगा - डेवलपर्स
  • प्रस्तावित बढ़ोतरी से एंड-यूज़र और निवेशक सेंटिमेंट में और गिरावट आएगी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हरियाणा सरकार के सर्कल रेट बढ़ाने के प्रस्ताव से गुड़गांव में चल रहे और भविष्य के रियल एस्टेट ट्रांजेक्शन प्रभावित होंगे। अनसोल्ड स्टॉक की मौजूदा सूची में भी इजाफा होगा। डेवलपर्स और विशेषज्ञों ने ये बात कही है।

प्राइमरी और सेकंडरी बाजारों को नुकसान
प्रॉपर्टी कंसल्टेंट अनारॉक के अनुसार, प्रस्तावित बढ़ोतरी से एंड-यूज़र और निवेशक सेंटिमेंट में और गिरावट आएगी। बढ़ोतरी से प्राइमरी और सेकंडरी बाजारों को नुकसान होगा। एसोसिएशन ऑफ प्रॉपर्टी प्रोफेशनल्स-दिल्ली एनसीआर के अध्यक्ष क्षितिज नागपाल ने कहा, 'सर्कल रेट की बढ़ोतरी बाजार रेट से अधिक है। इसलिए कोई खरीदार नहीं होगा।

गुड़गांव के कुछ प्रमुख बाजारों में दरें दोगुना
सरकार ने हाल ही में गुड़गांव, हरसरू, मानेसर, वज़ीराबाद और सोहना सहित सभी क्षेत्रों के लिए नए कलेक्टर रेट (2019-20 की दूसरी छमाही के लिए) के साथ प्रस्तावित सूची जारी की। उम्मीदों के विपरीत, गुड़गांव के कुछ प्रमुख बाजारों में दरों को दोगुना से अधिक करने का प्रस्ताव है। रियल्टी फर्म वाटिका लिमिटेड में सेल्स और मार्केटिंग के प्रमुख अनुपम वार्ष्णेय ने कहा 'प्रस्तावित सर्कल रेट में बढ़ोतरी का गुड़गांव के रियल एस्टेट, विशेष रूप से लक्जरी आवास पर असर पड़ना तय है।'

गोल्फ कोर्स रोड की हाउसिंग सोसाइटीज पर प्रभाव
डेवलपर्स के अनुसार, गोल्फ कोर्स रोड पर हाउसिंग सोसाइटीज पर इसका प्रभाव पड़ेगा। क्योंकि यहां पर प्रस्तावित सर्कल रेट 17,000 रुपये प्रति वर्ग फुट है, जबकि मार्केट रेट 12,000-14,000 रुपये है। गुड़गांव स्थित एसोसिएशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स के महासचिव प्रदीप मिश्रा ने कहा, 'कोई भी सर्कल रेट से कम पर फ्लैट या फ्लोर नहीं बेचेगा और बढ़े हुए सर्कल रेट पर कोई प्रॉपर्टी नहीं खरीदेगा।'

गुड़गांव में 57,950 यूनिट्स का अनसोल्ड स्टॉक
अनारॉक के अनुसार वर्ष 2019 के अंत तक नेशनल कैपिटल रीजन में सबसे ज्यादा अनसोल्ड स्टॉक गुड़गांव (57,950 यूनिट्स) में था। डेवलपर्स को लगता है कि गुड़गांव की बढ़ोतरी नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बाजारों को एक लाइफ लाइन दे सकती है।

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