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जल्द दो सरकारी कंपनियों में लगने जा रहा ताला,कर्मचारी होंगे जबरन रिटायर

जल्द दो सरकारी कंपनियों में लगने जा रहा ताला,कर्मचारी होंगे जबरन रिटायर

हाईलाइट

  • बीएसएनएल और एमटीएनएल बंद होने की कगार में
  • वित्त मंत्रालय ने निवेश प्रस्ताव ठुकराया
  • BSNL पर 14 हजार करोड़ का कर्ज

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आर्थिक तंगी से जूझ रही दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल और एमटीएनएल पर जल्द सरकार ताला लगाने वाली है। वित्त मंत्रालय दोनों कंपनियो कों बंद करने के पक्ष में है। डिपार्टमेंट ऑफ टेली कम्युनिकेशंस ने बीएसएनएल और एमटीएनएल को दोबरा पुनर्जीवित करने के लिए 74 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव दिया था, जिसे वित्त मंत्रालय ने ठुकरा दिया है और दोनों कंपनियों को बंद करने की सलाह दी है।

BSNL पर 14 हजार करोड़ की देनदारी

बता दें BSNL पर 14 हजार करोड़ की देनदारी है। वित्तवर्ष 2017-18 में बीएसएनएल को 31,287 करोड़ का नुकसान हुआ था। फिलहाल कंपनी में 1.76 लाख कर्मचारी है। अगर कर्मचारियों को वीआरएस दिया जाता है तो संख्या अगले पांच सालों में 75 हजार रह जाएगी। इस मसले पर सिंतबर में पीएमओ की एक बैठक भी हुई थी। 

बंद करने पर ज्यादा खर्च

दूरसंचार मंत्रालय ने कहा है कि दोनों टेलिकॉम कंपनियों को बंद करने पर सरकार का करीब 95 हजार करोड़ रुपए खर्च आएगा। कर्मियों की रिटायरमेंट उम्र को 60 वर्ष से घटाकर 58 साल करने को कहा गया। वहीं बीएसएनएल के कर्मचारियों को वीआरएस पैकेज देने को कहा गया है। 

टेलीकॉम इंडस्ट्री में आर्थिक संकट

वित्तमंत्रालय के मुताबिक, BSNL और MTNL को इस लिए बंद करने की योजना है, क्योंकि टेलीकॉम इंडस्ट्री में फिलहाल आर्थिक संकट है। इसलिए शायद की कोई कंपनी सरकारी कंपनियों में निवेश करे। वहीं बता दें एमटीएनएल में 22 हजार कर्मचारी हैं और कंपनी पर 19 हजार करोड़ का कर्ज है। अगले 6 साल में कंपनी के करीब 16 हजार कर्मचारी रिटायर हो जाएंगे। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।