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इलेक्ट्रिक वाहनों, चार्जर पर सरकार ने घटाया GST, 1 अगस्त से लागू होंगी नई दरें

इलेक्ट्रिक वाहनों, चार्जर पर सरकार ने घटाया GST, 1 अगस्त से लागू होंगी नई दरें

हाईलाइट

  • जीएसटी काउंसिल ने लिया इलेक्ट्रिकल वाहनों पर जीएसटी दर घटाने का फैसला
  • जीएसटी को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का लिया फैसला
  • 1 अगस्त, 2019 से जीएसटी की नई दरें लागू होंगी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) काउंसिल ने शनिवार को इलेक्ट्रिकल वाहनों (ईवी) पर जीएसटी दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का फैसला लिया है। ईवी चार्जर पर भी जीएसटी दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की गई है। 1 अगस्त, 2019 से नई दरें लागू होंगी। सरकार के इस कदम का मकसद एनवॉयरमेंट फ्रेंडली समाधानों को अपनाने के लिए लोगों के प्रेरित करना है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। एनवॉयरमेंट फ्रेंडली इलेक्ट्रिक वाहनों को लोकप्रिय बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार पहल कर रही है। केंद्रीय बजट 2019-20 में, सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने पर लिए गए लोन में 1.5 लाख तक की इनकम टैक्स छूट का ऐलान किया था। केंद्र ने FAME II योजना के तहत देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल को तेजी से अपनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी है।

इस बीच, पेट्रोल और डीजल वाहनों का लोग कम से कम उपयोग करें इसके लिए रोड ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने नई पेट्रोल या डीजल कारों के रजिस्ट्रेशन शुल्क को बढ़ाकर 5,000 रुपये करने और रजिस्ट्रेशन को रिन्यू करने का शुल्क 10,000 रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। वर्तमान में, दोनों शुल्क 600 रुपये हैं। ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में कमर्शियल पेट्रोल और डीजल वाहनों के लगातार फिटनेस टेस्ट का प्रस्ताव दिया गया है। 15 साल से अधिक पुराने वाहनों का साल में दो बार टेस्ट किए जाने का प्रस्ताव है।

काउंसिल के अन्य फैसलों में जीएसटी CMP-02 फॉर्म के जरिए टैक्स भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है। इसके अलावा जीएसटी CMP-08 फॉर्म के जरिए अपने टैक्स की जानकारी के साथ अप्रैल से जून क्वार्टर के लिए टैक्स फाइल करने की तारीख भी एक महीने बढ़ा दी गई है। अब 31 अगस्त तक CMP-08 फॉर्म भरा जा सकेगा।

बता दें कि सरकार का लक्ष्य है कि 2023 तक देश में सभी तीन पहिया गाड़ियां बिजली से चलें। इसके अलावा साल 2025 तक सभी दो पहिया वाहन भी पूर्णत: इलेक्ट्रिक हो जाएं।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।