दैनिक भास्कर हिंदी: आठ प्रमुख सेक्टरों की ग्रोथ जुलाई में घटकर हुई 2.1%, पिछले साल थी 7.3%

September 3rd, 2019

हाईलाइट

  • आठ प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज की ग्रोथ जुलाई में धीमी होकर 2.1 प्रतिशत पर आ गई है
  • पिछले साल इसी महीने में यह 7.3 प्रतिशत थी
  • सोमवार को जारी किए गए सरकारी आंकड़ों में ये बात सामने आई है

डिजिटल डेस्क, मुंबई। आठ प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज की ग्रोथ जुलाई में धीमी होकर 2.1 प्रतिशत पर आ गई है। पिछले साल इसी महीने में यह 7.3 प्रतिशत थी। कोयला, कच्चे तेल, नेचुरल गैस और रिफाइनरी प्रोडक्ट के उत्पादन में कॉन्ट्रेक्शन के कारण ये गिरावट देखी जा रही है। सोमवार को जारी किए गए सरकारी आंकड़ों में ये बात सामने आई है।

आठ प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, फर्टिलाइजर, स्टील, सीमेंट और बिजली है। आंकड़ों के अनुसार, कोयला, कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और रिफाइनरी प्रोडक्ट के उत्पादन में जुलाई में नेगेटिव ग्रोथ दर्ज की गई। हालांकि जून महीने की तुलना में जुलाई की 21.% की ग्रोथ बेहतर है। जून में यह 0.7% थी।

चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जुलाई की चार माह की अवधि के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज की ग्रोथ रेट भी घटकर तीन प्रतिशत रह गई है जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 5.9 प्रतिशत रही थी।

  • जुलाई में कोयला सेक्टर की ग्रोथ जून के 3.2% के मुकाबले -1.4% रही है।
  • जुलाई में क्रूड ऑइल आउटपुट की ग्रोथ जून के -6.8% के मुकाबले -4.4% रही है।
  • जुलाई में नेचुरल गैस आउटपुट की ग्रोथ जून के -2.1% के मुकाबले -0.5% रही है।
  • जुलाई में फर्टिलाइजर आउटपुट की बिना किसी बदलाव के 1.5% रही है।
  • जुलाई में रिफाइनरी प्रोडक्ट की ग्रोथ जून के -9.3% के मुकाबले -0.9% रही है।
  • जुलाई में स्टील आउटपुट की ग्रोथ जून के 8.4% के मुकाबले 6.6% रही है।
  • जुलाई में सीमेंट आउटपुट की ग्रोथ जून के -1.7% के मुकाबले 7.9% रही है।
  • जुलाई में इलेक्ट्रिस्टी आउटपुट की ग्रोथ जून के 8.1% के मुकाबले 4.2% रही है।

बता दें कि इससे पहले जीडीपी के आंकड़े भी जारी किए गए थे। चालू वित्त वर्ष 2020 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) घटकर 5% हो गई है। पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में आर्थिक विकास दर 5.8 फीसदी रही थी। जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में जीडीपी 8.2% थी। साढ़े छह साल में ये इकोनॉमी की सबसे धीमी गति है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने शुक्रवार को ये आंकड़े जारी किए थे।