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आज है इनकम टैक्स भरने की आखिरी तारीख, देर की तो लगेगा जुर्माना

August 31st, 2018 10:52 IST

हाईलाइट

  • वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख आज (31 अगस्त) है।
  • यदि 31 अगस्त के बाद रिटर्न फाइल करते हैं तो 5 हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख आज (31 अगस्त) है। अगर आप 31 अगस्त के पहले अपना रिटर्न फाइल नहीं कर पाए तो आपको इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234F के तहत जुर्माना देना पड़ सकता है। यदि 31 अगस्त के बाद रिटर्न फाइल करते हैं तो 5 हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा।

जानकारी के अनुसार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस बार अपने नियम और भी ज्यादा सख्त कर दिए हैं। इस बार रिटर्न फाइल करने में किसी भी तरह की देरी पर छूट नहीं मिलेगी। यदि कोई भी करदाता 31 अगस्त के बाद और 31 दिसंबर से पहले ITR फाइल करते है, तो उस पर 5000 रुपये का जुर्माना लगेगा।

बता दें कि यदि कोई करदाता 31 दिसंबर की तारीख भी चूक जाए और उसके बाद ITR फाइल करता है तो यह जुर्माना बढ़कर डबल यानि 10,000 रुपए हो जाएगा। हालांकि अगर आपकी आय 5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं है तो आपको एक हजार रुपये का ही जुर्माना भरना होगा।

कहां करें रिटर्न फाइल?
आजकल ITR फाइल करना काफी आसान हो गया है। आप इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से फाइल कर सकते हैं। घर बैठे ऑनलाइन ITR फाइल करने के लिए इनकम टैक्‍स विभाग की वेबसाइट (https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/home) पर जाकर आप सही फार्म चुनकर रिटर्न फाइल कर सकते हैं।

इस तरह करें रिटर्न फाइल
इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर लॉग-इन करना होगा। इसके लिए आपको यूजर आईडी, पासवर्ड और जन्म की तारीख बतानी होगी। अगर आपके पास आईडी नहीं है तो नया बना सकते हैं। आईडी बन जाने के बाद सबसे पहले आप फॉर्म-16 और फॉर्म 26-एएस डाउनलोड करें और उसे बारीकी से भरें। उसके बाद इनकम टैक्स रिटर्न का फॉर्म डाउनलोड करें और उसे बेहद ही सतर्कता से भरें। फिर उसे सत्यापित करें। इस तरीके से आप अपना ITR फाइल कर सकते हैं।

ऐसे चुने सही फार्म

ITR-1 सहज

यह फॉर्म वैसे इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए है जो भारत का नागरिक है और जिसकी आमदनी वेतन, एक मकान के किराए और बैंक जमा पर ब्याज आदि से होती है। ध्यान रहे कि ITR-1 यानी सहज फॉर्म का इस्तेमाल तभी कर सकते हैं जब आपकी आमदनी 50 लाख रुपये तक है।

ITR- 2
यह फॉर्म ऐसे इंडिविजुअल और हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (हिंदू अविभाजित परिवार) के लिए है जिसकी आमदनी का स्रोत बिजनस या प्रफेशन नहीं हो।

ITR- 3
जिस व्यक्ति या हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (हिंदू अविभाजित परिवार) की आय का स्रोत बिजनस या प्रफेशन है, वह इस फॉर्म का इस्तेमाल करेंगे।

ITR- 4 सुगम
बिजनेस और प्रोफेशन से होने वाली अनुमानित आय पर टैक्स रिटर्न भरने के लिए इस ITR फॉर्म संख्या 4 का इस्तेमाल करें।

ITR- 5
इंडिविजुअल, हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (HUF), कंपनी और पर्सन को छोड़कर अन्य टैक्सपेयर्स को ITR- 5 भरना चाहिए।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।