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जियो प्लेटफार्म में एडीआईए की तरफ से 5683 रुपये का निवेश

June 08th, 2020 12:16 IST
 जियो प्लेटफार्म में एडीआईए की तरफ से 5683 रुपये का निवेश

हाईलाइट

  • जियो प्लेटफार्म में एडीआईए की तरफ से 5683 रुपये का निवेश

मुंबई, 7 जून (आईएएनएस)। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने रविवार को आबूधाबी इंवेस्टमेंट अथारिटी (एडीआईए) की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहयोगी इकाई की तरफ से जियो प्लेटफॉर्म्स में 5,683.50 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।

कोरोनावायरस के बीच मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स में पिछले 47 दिनों में 8 निवेशों के जरिए जियो प्लेटफॉर्म्स में 21.06 फीसदी इक्विटी के लिए कुल 97,885.65 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। यह निवेश 22 अप्रैल को फेसबुक से शुरू हुआ था, उसके बाद सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी, जनरल अटलांटिक, केकेआर, मुबाडला और सिल्वर लेक ने अतिरिक्त निवेश किया था।

जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की फुली ओन्ड सब्सिडियरी है। यह एक नेक्स्ट जनरेशन टेक्नॉलोजी कंपनी है जो भारत को एक डिजिटल सोसायटी बनाने के काम में मदद कर रही है। इसके लिए जियो के प्रमुख डिजिटल एप, डिजिटल ईकोसिस्टम और भारत के नंबर 1 हाई-स्पीड कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म को एक-साथ लाने का काम कर रही है। रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड, जिसके 38 करोड़ 80 लाख ग्राहक हैं, वह जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड की होल्ली ओन्ड सब्सिडियरी बनी रहेगी।

1976 में स्थापित, एडीआईए विश्व स्तर पर आबूधाबी सरकार की ओर से निवेश करती है। एडीआईए एक वैश्विक निवेश पोर्टफोलियो का प्रबंधन करता है जो दो दर्जन से अधिक परिसंपत्ति वर्गों और उप-वर्गों में है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा, मुझे खुशी है कि एडीआईए, निवेश के चार दशक की सफलता के ट्रैक रिकॉर्ड के साथ, जियो प्लेटफार्मों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है। वह जियो के मिशन में भागीदार है। जो भारत के लिए डिजिटल लीडरशिप और समावेशी विकास के अवसर पैदा करता है।

एडीआईए में प्राइवेट इक्विटी विभाग के कार्यकारी निदेशक हमाद शाहवान अल्दहेरी ने कहा, जियो प्लेटफार्म भारत की डिजिटल क्रांति में सबसे आगे है। जियो में हमारा निवेश एडीआईए के बाजार की अग्रणी कंपनियों में निवेश करने की हमारी गहरी समझ और विशेषज्ञता को प्रदर्शित करता है।

जियो एक ऐसे डिजिटल भारत का निर्माण करना चाहता है जिसका फायदा 130 करोड़ भारतीयों और व्यवसायों को मिले। एक ऐसा डिजिटल भारत जिससे खास तौर पर देश के छोटे व्यापारियों, माइक्रो व्यवसाइयों और किसानों के हाथ मजबूत हों। जियो ने भारत में डिजिटल क्रांति लाने और भारत को दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल ताकतों के बीच अहम स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।