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Lakshmi Vilas Bank: RBI ने कहा- बैंक के पास पर्याप्त लिक्वीडिटी, डिपॉजिटरों को घबराने की जरुरत नहीं

Lakshmi Vilas Bank: RBI ने कहा- बैंक के पास पर्याप्त लिक्वीडिटी, डिपॉजिटरों को घबराने की जरुरत नहीं

हाईलाइट

  • जमार्ताओं को वापस भुगतान करने के लिए बैंक के पास पर्याप्त लिक्वीडिटी

डिजिटल डेस्क, मुंबई। लक्ष्मी विलास बैंक में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से नियुक्त एडमिनिस्ट्रेटर टीएन मनोहरन ने कहा कि बैंक के पास उसके जमार्ताओं को वापस भुगतान करने के लिए पर्याप्त लिक्वीडिटी है। बैंक के डिपोजिट में 20,000 करोड़ रुपये है और 17,000 करोड़ रुपये के एडवांसेज हैं। उन्होंने कहा, टॉप प्रायोरिटी लक्ष्मी विलास बैंक के जमाकर्ताओं को आश्वस्त करना है कि उनका पैसा सुरक्षित है। मनोहरन ने कहा कि वे लक्ष्मी विलास और डीबीएस इंडिया के विलय के लेकर आश्वस्त हैं।  

मनोहरन ने बताया कि बैंक की शाखाओं में भारी दबाव है और लोग पैसे निकाल रहे हैं। बैंक के ग्राहकों में अफवाह है इसलिए वे पैसे की निकासी कर रहे हैं। लक्ष्मी विलास बैंक से पिछले 24 घंटों में इसके जमाकर्ताओं ने 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम निकाल ली है। यह निकासी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आदेश के तुरंत बाद से शुरू हो गई थी। उन्होंने कहा कि बैंक की शाखाओं से पैसे निकासी में और तेजी आ सकती है तथा दबाव बढ़ सकता है। इसे देखते हुए बैंक वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांग आदि ग्राहकों के लिए अलग से स्पेशल काउंटर बनाने की सोच रहा है।

बता दें कि बैंक को 16 दिसंबर तक के लिए मोरेटोरियम के तहत रखा गया है। पाबंदियों के तहत इस तारीख तक बैंक से पैसे विड्रॉ करने की सीमा 25 हजार रुपये तय की गई है। मोरेटोरियम की अवधि के दौरान जमाकर्ता के इलाज, उच्च शिक्षा की फीस, शादी जैसे जरूरी कामों के लिए डिपॉजिटर 25 हजार रुपये से ज्‍यादा की निकासी कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए रिजर्व बैंक से अनुमति लेनी होगी। 94 साल पुराने लक्ष्मी विलास बैंक के कुल 4,100 कर्मचारी हैं और 563 शाखाएं हैं। इसकी कुल जमा राशि 20 हजार करोड़ जबकि उधारी 17 हजार करोड़ रुपए है।

आबीआई की पाबंदियों के बाद बैंक का शेयर बुधवार को 20 पर्सेंट गिर कर 12.40 रुपए पर आ गया। जानकारों का मानना है कि बैंक का शेयर यहां से अब शून्य तक जा सकता है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।