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मोदी सरकार अल्पसंख्यकों पर मेहरबान, 6 साल में 15 सौ करोड़ बढ़ाया बजट

February 01st, 2020 21:00 IST
 मोदी सरकार अल्पसंख्यकों पर मेहरबान, 6 साल में 15 सौ करोड़ बढ़ाया बजट

हाईलाइट

  • मोदी सरकार अल्पसंख्यकों पर मेहरबान, 6 साल में 15 सौ करोड़ बढ़ाया बजट

नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर जिस वक्त देश में मुस्लिम समुदाय का एक तबका सड़कों पर है, ठीक उस दौरान पेश हुए बजट में मोदी सरकार ने अल्पसंख्यकों का खासा ख्याल रखा है। मोदी सरकार ने पिछली बार की तुलना में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय का बजट 329 करोड़ रुपये बढ़ाया है।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को पेश बजट में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए 5029 करोड़ का बजट दिया है, जबकि पिछले साल 4700 करोड़ रुपये का बजट था।

अब तक मोदी सरकार की ओर से पेश सभी बजट पर नजर डालें तो छह साल के कार्यकाल में अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट 1500 करोड़ रुपये तक बढ़ चुका है।

भाजपा सूत्रों का कहना है कि सरकार सबका साथ, सबका विकास के मूलमंत्र के साथ काम कर रही है। ऐसे में अल्पसंख्यक मंत्रालय के बजट में बढ़ोतरी पर किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए।

अगर बजट के आंकड़ों की बात करें तो 2014 में मोदी सरकार से पहले यूपीए शासनकाल में पेश हुए 2013-14 के बजट में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए 3511 करोड़ की व्यवस्था की गई थी। इसके बाद जब मोदी सरकार में 10 जुलाई 2014 को तत्कालीन वित्तमंत्री अरुण जेटली ने पहला बजट पेश किया तो अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के बजट में दो सौ करोड़ रुपये की बढ़ोतरी कर 3711 करोड़ कर दिया था। अगले साल 2015-16 में बढ़ाकर 3713 करोड़ कर दिया। इसके बाद भी हर साल मोदी सरकार अल्पसंख्यकों पर मेहरबान होकर बजट बढ़ाती रही।

मिसाल के तौर पर, 2016-17 में 3800 करोड़ रुपये, 2017-18 में 4195 करोड़, 2018-19 में 4700 करोड़ रुपये का बजट जारी किया। हालांकि 2019-20 में भी सरकार ने 2018-19 के बराबर यानी 4700 करोड़ रुपये का ही बजट जारी किया था। अब शनिवार को पेश हुए 2020-21 के बजट में 5029 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था की है।

इस प्रकार देखें तो मोदी सरकार करीब छह साल से कार्यकाल में अब तक 15 सौ करोड़ रुपये अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए बढ़ा चुकी है। बजट बढ़ाए जाने से अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय का स्टाफ खुश है। मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि मोदी सरकार ने बजट बढ़ाकर फिर दिखाया है कि वह सबको साथ लेकर चलने में यकीन रखती है।

उधर, अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने अपने एक बयान में इसे बहुत प्रैक्टिकल बजट बताया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में इसे पीपुल फ्रेंडली बजट बताते हुए कहा कि इसमें गांव, किसान, खेत, खलिहान सहित सभी का ध्यान रखा गया है।

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