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Fuel Price: इस हफ्ते देशभर में पेट्रोल- डीजल हो सकता है महंगा, ये है कारण

Fuel Price: इस हफ्ते देशभर में पेट्रोल- डीजल हो सकता है महंगा, ये है कारण

हाईलाइट

  • ओपेक (OPEC) द्वारा इस हफ्ते होने वाली है बैठक
  • कच्चे तेल का उत्पादन रोकने पर हो सकता है फैसला
  • भारत में पेट्रोल- डीजल की कीमत पर होगा सीधा असर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोनावायरस (Coronavirus) लॉकडाउन (Lockdown) के चलते पिछले ढाई महीने से पेट्रोल- डीजल (Petrol- Diesel) की कीमत स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि, इस बीच कुछ राज्यों द्वारा राजस्व के लिए वैट में बढ़ोतरी की गई। लेकिन जल्द ही देशभर में तेल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। दरअसल, कच्चे तेल (Crude oil) की बढ़ती कीमतें और आने वाले दिनों में ओपेक (OPEC) की ओर से होने वाले फैसला का असर इस पर पड़ेगा। बता दें कि कच्चे तेल का उत्पादन और एक्सपोर्ट करने वाले संगठन ओपेक की बैठक इस हफ्ते होने वाली है।

फिलहाल बात करें आज (बुधवार, 03 जून) की तो देशभर में भारतीय तेल (Indian Oil) विपणन कंपनियों द्वारा पेट्रोल- डीजल की कीमत में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। यानी कि लगातार 78 दिनों से सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने पेट्रोल- डीजल की कीमत स्थिर रखी है। संभवत: यह पहली बार है, जब तेल विपणन कंपनियों ने इतने लंबे समय तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया।

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आज की कीमत इस प्रकार हैं:-

महानगर

पेट्रोल      

डीजल

दिल्ली 

71.26 रुपए प्रति लीटर

69.39 रुपए प्रति लीटर

मुंबई

78.31 रुपए प्रति लीटर

68.21 रुपए प्रति लीटर

कोलकाता 

73.30 रुपए प्रति लीटर

65.62 रुपए प्रति लीटर

चैन्नई

75.54 रुपए प्रति लीटर

68.22 रुपए प्रति लीटर

इसलिए हो सकती है कीमत में बढ़ोतरी
आगामी दिनों में पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़ने की उम्मीद का कारण ओपेक की बैठक है। जानकारों का मानना है कि इस बैठक में ओपेक अगले कुछ महीनों के लिए उत्पादन में कटौती पर फैसला कर सकता है। यदि ऐसा होता है तो कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आ सकता है। इससे पहले ही ओपेक की ओर से जारी कटौती के चलते पिछले 6 हफ्तों में कच्चे तेल का दाम दोगुना हो चुका है। 

भारतीय बाजार की बात करें भारत अपनी जरूरत के 83 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अब यदि उत्पादन में कटौती का फैसला होता है तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर इसका सीधा असर होगा।

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ऐसे तय होती है कीमत
विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। इन्हीं मानकों के आधार पर पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल रेट और डीजल रेट रोज तय करती हैं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम हर रोज सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की दरों में संशोधन कर जारी करती हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।