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पीएमसी बैंक का पूर्व प्रबंध निदेशक थॉमस गिरफ्तार, खाताधारक निकाल सकेंगे 25 हजार 

पीएमसी बैंक का पूर्व प्रबंध निदेशक थॉमस गिरफ्तार, खाताधारक निकाल सकेंगे 25 हजार 

हाईलाइट

  • पीएमसी बैंक के खाताधारकों को राहत
  • निकाल सकेंगे 25 हजार रुपए

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पंजाब और महाराष्ट्र को ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक घोटाला मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने जॉय थॉमस को गिरफ्तार कर लिया है। थॉमस पीएमसी बैंक का पूर्व प्रबंध निदेशक है। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को छह ठिकानों पर छापेमारी भी की है।  ईडी ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज शिकायत के आधार पर मनी लांडरिंग (धनशोधन) के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। शक है कि मामले से जुड़े आरोपियों ने पैसे गैरकानूनी तरीके से विदेश भेजे है। थॉमस इस मामले में गिरफ्तार होने वाला तीसरा आरोपी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (ईओडब्ल्यू) राज्यवर्धन ने थॉमस की गिरफ्तार की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। इससे पहले गुरूवार को ईओडब्ल्यू ने एचडीआईएल के दो अधिकारियों राकेश वाधवान और सारंग वाधवान को गिरफ्तार किया था। वहीं ईडी ने भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए छापेमारी की गई। ईडी अधिकारियों के मुताबिक मामले से जुड़े कुछ और सबूत जुटाने के लिए छापेमारी की गई है।

खाताधारक निकाल सकेंगे 25 हजार

पंजाब और महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक के खाता धारकों को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक और बड़ी राहत दी है। खाताधारक अब बैंक से 25 हजार रुपए तक निकाल सकेंगे। आरबीआई के मुख्य महाप्रबंधक योगेश दयाल की ओर से जारी विज्ञप्ति में इस बात की जानकारी दी गई है। बैंक के कामकाज पर छह महीने की रोक लगाते हुए पहले आरबीआई ने खाताधारकों को सिर्फ एक हजार रुपए निकालने की छूट दी थी लेकिन विरोध प्रदर्शनों के बाद इसे बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दिया गया था।

अब आरबीआई ने बैंक की लिक्विडिटी पोजीशन देखने के बाद खाताधारकों को 25 हजार रुपए तक निकालने की अनुमति दे दी है। आरबीआई के मुताबिक इस छूट के बाद बैंक के 70 फीसदी से ज्यादा खाताधारक अपना पूरा पैसा निकाल सकेंगे। आरबीआई के मुताबिक वह बैंक पर नजर रखे हुए है और आगे भी खाताधारकों के हित में जरूरी कदम उठाए जाएंगे। बैंक के प्रबंधकों की सहायता के लिए आरबीआई ने एक तीन सदस्यीय समिति का भी गठन करने का फैसला किया है।

3500 करोड़ की संपत्तियां जब्त

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गुरुवार को पीएमसी मामले में एक बड़ी कार्रवाई की। EOW ने एचडीआईएल के दो अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया। एचडीआईएल के कार्यकारी अध्यक्ष राकेश वाधवान और प्रबंध निदेशक सारंग वधावन को गिरफ्तार किया। दोनों देश छोड़कर भाग न पाएं इसलिए इनके खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया गया था। मामले में आर्थिक अपराध शाखा ने पीएमसी बैंक के तत्कालीन व्यवस्थापकीय संचालक जॉय थॉमस, अध्यक्ष वरियम सिंह समेत बैंक के दूसरे अधिकारियों और एचडीआईएल के संचालक वाधवान समेत दूसरे पदाधिकारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 420, 465, 466, 471 और 120 (बी) के तहत एफआईआर दर्ज कर छानबीन के लिए विशेष टीम गठित की थी।इसके अलावा मामले में करीब 3500 करोड़ रुपए की संपत्तियां भी जब्त की गईं हैं।


 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।