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उपलब्धि: रिलायंस ने रिकॉर्ड समय में जुटाए 1.69 लाख करोड़ रुपए, बनी नेट-डेब्ट फ्री कंपनी

उपलब्धि: रिलायंस ने रिकॉर्ड समय में जुटाए 1.69 लाख करोड़ रुपए, बनी नेट-डेब्ट फ्री कंपनी

हाईलाइट

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज दो महीनों से भी कम समय में कर्ज मुक्त हो गई
  • कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी
  • रिलायंस ने रिकॉर्ड कायम करते हुए मात्र 58 दिनों में 1,68,818 करोड़ रुपये जुटाए

डिजिटल डेस्क, मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज दो महीनों से भी कम समय में कर्ज मुक्त हो गई है। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। कर्ज मुक्त होने के लिए रिलायंस ने रिकॉर्ड कायम करते हुए मात्र 58 दिनों की छोटी सी अवधी में 1,68,818 करोड़ रुपये जुटाए। रिलायंस की सब्सिडियरी जियो प्लेटफॉर्म्स में ग्लोबल इंवेस्टर्स की तरफ से 1,15,693.95 करोड़ रुपये का निवेश आया। वहीं रिलायंस ने राइट्स इश्यू के माध्यम से 53,124.20 करोड़ रुपये जुटाए।

शेयरधारकों से किया वादा पूरा किया
मुकेश अंबानी ने स्टॉक एक्सचेंज को दिए एक बयान में कहा, 'आज मैं यह घोषणा करते हुए बहुत खुश और प्रसन्न हूं कि हमने रिलायंस को 31 मार्च 2021 के शेड्यूल से पहले ही कर्ज मुक्त कर दिया है। इसी के साथ हमनें शेयरधारकों से किया अपना वादा भी पूरा किया है।' भारतीय कॉपोर्रेट इतिहास के लिए भी यह अभूतपूर्व है। महत्वपूर्ण यह है कि फंड जुटाने का यह लक्ष्य कोविड-19 महामारी के कारण हुए वैश्विक लॉकडाउन के बीच हासिल किया गया। 31 मार्च, 2020 तक रिलायंस इंडस्ट्रीज का नेट डेब्ट 1.6 लाख करोड़ रुपए था।

रिलायंस में फेसबुक का 43,574 करोड़ रुपए का निवेश
सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी फेसबुक ने 22 अप्रैल 2020 को रिलायंस जियो में 43,574 करोड़ रुपए (5.7 बिलियन डॉलर) के निवेश का ऐलान किया था। टेक सेक्टर में सबसे बड़े एफडीआई निवेश के बाद जियो में फेसबुक की हिस्सेदारी 9.99% हो गई। इस हिस्सेदारी से फेसबुक जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का सबसे बड़ा शेयरहोल्डर भी बन गया। इस डील के बाद फेसबुक को भारत जैसा एक बड़ा बाजार मिला जबकि रिलायंस को अपना कर्ज चुकाने में मदद मिली।

जियो 38.8 करोड़ो भारतीयों को ऑनलाइन लाया
चार साल से कम समय में जियो 38.8 करोड़ भारतीयों को ऑनलाइन लेकर आया। शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की इस वृद्धि का श्रेय जियो की किफायती डेटा योजनाओं को दिया जा सकता है, जिसके कारण भारत में इंटरनेट की गहरी पैठ हुई है। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।