दैनिक भास्कर हिंदी: उपलब्धि: रिलायंस ने रिकॉर्ड समय में जुटाए 1.69 लाख करोड़ रुपए, बनी नेट-डेब्ट फ्री कंपनी

June 19th, 2020

हाईलाइट

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज दो महीनों से भी कम समय में कर्ज मुक्त हो गई
  • कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी
  • रिलायंस ने रिकॉर्ड कायम करते हुए मात्र 58 दिनों में 1,68,818 करोड़ रुपये जुटाए

डिजिटल डेस्क, मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज दो महीनों से भी कम समय में कर्ज मुक्त हो गई है। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। कर्ज मुक्त होने के लिए रिलायंस ने रिकॉर्ड कायम करते हुए मात्र 58 दिनों की छोटी सी अवधी में 1,68,818 करोड़ रुपये जुटाए। रिलायंस की सब्सिडियरी जियो प्लेटफॉर्म्स में ग्लोबल इंवेस्टर्स की तरफ से 1,15,693.95 करोड़ रुपये का निवेश आया। वहीं रिलायंस ने राइट्स इश्यू के माध्यम से 53,124.20 करोड़ रुपये जुटाए।

शेयरधारकों से किया वादा पूरा किया
मुकेश अंबानी ने स्टॉक एक्सचेंज को दिए एक बयान में कहा, 'आज मैं यह घोषणा करते हुए बहुत खुश और प्रसन्न हूं कि हमने रिलायंस को 31 मार्च 2021 के शेड्यूल से पहले ही कर्ज मुक्त कर दिया है। इसी के साथ हमनें शेयरधारकों से किया अपना वादा भी पूरा किया है।' भारतीय कॉपोर्रेट इतिहास के लिए भी यह अभूतपूर्व है। महत्वपूर्ण यह है कि फंड जुटाने का यह लक्ष्य कोविड-19 महामारी के कारण हुए वैश्विक लॉकडाउन के बीच हासिल किया गया। 31 मार्च, 2020 तक रिलायंस इंडस्ट्रीज का नेट डेब्ट 1.6 लाख करोड़ रुपए था।

रिलायंस में फेसबुक का 43,574 करोड़ रुपए का निवेश
सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी फेसबुक ने 22 अप्रैल 2020 को रिलायंस जियो में 43,574 करोड़ रुपए (5.7 बिलियन डॉलर) के निवेश का ऐलान किया था। टेक सेक्टर में सबसे बड़े एफडीआई निवेश के बाद जियो में फेसबुक की हिस्सेदारी 9.99% हो गई। इस हिस्सेदारी से फेसबुक जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का सबसे बड़ा शेयरहोल्डर भी बन गया। इस डील के बाद फेसबुक को भारत जैसा एक बड़ा बाजार मिला जबकि रिलायंस को अपना कर्ज चुकाने में मदद मिली।

जियो 38.8 करोड़ो भारतीयों को ऑनलाइन लाया
चार साल से कम समय में जियो 38.8 करोड़ भारतीयों को ऑनलाइन लेकर आया। शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की इस वृद्धि का श्रेय जियो की किफायती डेटा योजनाओं को दिया जा सकता है, जिसके कारण भारत में इंटरनेट की गहरी पैठ हुई है।