दैनिक भास्कर हिंदी: केरल बाढ़ पीड़ितों को 7 दिन तक फ्री-कॉलिंग और डेटा सुविधा देंगी टेलीकॉम कंपनियां

August 17th, 2018

हाईलाइट

  • केरल में मानसून अपने साथ भारी तबाही लेकर आया है।
  • देश की कुछ प्रमुख टेलिकॉम कंपनियों ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
  • टेलिकॉम कंपनियों ने स्थानीय लोगों को सात दिनों तक मुफ्त कॉलिंग और डेटा देने की घोषणा की है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केरल में मानसून अपने साथ भारी तबाही लेकर आया है। भारी बारिश से आई बाढ़ ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। जैसे-जैसे समय बीत रही है, स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। लोग न तो एक दूसरे से मिल पा रहे हैं और न ही कॉल कर पा रहे हैं। नेटवर्क में प्रॉब्लम की वजह से भी स्थानीय लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में टेलीकॉम कंपनियां वहां के लोगों के मदद के लिए आगे आई है। देश की कुछ प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इन कंपनियों ने स्थानीय लोगों को सात दिनों तक मुफ्त कॉलिंग और डेटा देने की घोषणा की है।

सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने इसकी पुष्टि की। BSNL के एक अधिकारी ने कहा कि केरल के लोगों की सहायता के लिए हम सभी तत्पर हैं। वहां की स्थिति बहुत दयनीय है। ऐसे में लोगों को फ्री-कॉलिंग और डेटा मुहैया कराने से उन्हें दूसरे लोगों से जुड़े रहने में सहायता मिलेगी। BSNL अपने नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा दे रही है। जबकि किसी दूसरे नेटवर्क पर ग्राहक 20 मिनट की फ्री-कॉलिंग कर सकेंगे।

वहीं रिलांयस जियो ने भी सात दिनों तक 1 जीबी फ्री डेटा देने की घोषणा की है। जियो ने एक बयान जारी कर कहा कि केरल के बाढ़ पीड़ितों के साथ कंपनी उनके साथ है। इनके अलावा दूसरी प्राइवेट कंपनियां जैसे कि एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया ने भी अपने-अपने प्रीपेड ग्राहकों को सुविधाएं प्रदान करने की घोषणा की है। एयरटेल और वोडाफोन अपने ग्राहकों को 30 रुपए का बैलेंस दे रही है। वहीं आइडिया अपने ग्राहकों को 10 रुपए क्रेडिट कर रही है। साथ ही यह कंपनियां ग्राहकों को बैटरी चार्ज करने की सुविधा भी दे रही है।

बता दें कि केरल में जारी भारी बारिश की वजह से पूरे राज्य में बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। शुक्रवार तक बाढ़ में मरने वालों का आंकड़ा 167 तक पहुंच गया है। हवाई यात्रा से लेकर सड़क और रेल यातायात पूरी तरह से प्रभावित है। वहीं बड़े स्तर पर राहत-बचाव कार्य भी जारी है। बाढ़ को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी गंभीर हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने राहत और बचाव के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।