समझौता: भारत में सेमीकंडक्टर बनाने के लिए वेदांता और फॉक्सकॉन ने मिलाया हाथ

February 15th, 2022

हाईलाइट

  • लेक्ट्रॉनिक निर्माण क्षेत्र में कदम रखने वाला वेदांता-फॉक्सकॉन पहला संयुक्त उपक्रम है

डिजिटल डेस्क, मुम्बई। भारत में सेमीकंडक्टर के निर्माण के लिए खनन कंपनी वेदांता और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद निर्माता कंपनी फॉक्सकॉन ने हाथ मिलाया है। वेदांता और फॉक्सकॉन के नाम से विख्यात होन हाई टेक्नोलॉजी ग्रुप का संयुक्त उपक्रम भारत में सेमीकंडक्टर बनायेगा। केंद्र सरकार ने देश में सेमीकंडक्टर यानी चिप के निर्माण को प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन यानी पीएलआई योजना में शामिल किया है।

दोनों कंपनियों ने अपने बयान में कहा है कि यह संयुक्त उपक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश में सेमीकंडक्टर के निर्माण का माहौल तैयार करने के विजन को पूरा करने में सहयोग देगा।

इस संयुक्त उपक्रम के अधिकांश शेयर वेदांता के होंगे और वेदांता के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल इसके अध्यक्ष होंगे। इस संयुक्त उपक्रम की योजना सेमीकंडक्टर के निर्माण में निवेश करने की है। इससे देश में इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद के निर्माण को समर्थन मिलेगा। सेमीकंडक्टर का उपयोग वाहनों में इस्तेमाल की जाने वाली आधुनिक प्रौद्योगिकी और उसके कल पुजरें, इलेक्ट्रॉनिक तथा मेडिकल उपकरणों में होता है।

फॉक्सकॉन ने बताया कि सेमीकंडक्टर के निर्माण संयंत्र के लोकेशन को लेकर कुछ राज्यों के साथ बातचीत की जा रही है। सरकार ने हाल ही में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले के निर्माण का ईकोसिस्टम विकसित करने के लिए 76,000 करोड़ रुपये के निवेश के खाके को मंजूरी दी है।

सरकार का कहना है कि पीएलआई और अन्य योजनायें सेमीकंडक्टर के निर्माण को बढ़ावा देने के अलावा घरेलू कंपनियों को न सिर्फ कोविड-19 के कारण उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने में मदद करेंगी बल्कि यह उन्हें वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी भी बनायेंगी।

इस योजना की घोषणा के बाद इलेक्ट्रॉनिक निर्माण क्षेत्र में कदम रखने वाला वेदांता-फॉक्सकॉन पहला संयुक्त उपक्रम है। केंद्र सरकार ने देश में चिपसेट सहित मुख्य कलपुर्जो के निर्माण और उत्पादन क्षमता को बढ़ावा देकर इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन एंड मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत को वैश्विक हब बनाने के लिए राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक नीति 2019 की अधिसूचना जारी की थी।

आईएएनएस