No UPI Day: मध्य प्रदेश में आज ‘नो UPI डे’, MDR शुल्क के विरोध में व्यापारियों का प्रदर्शन, जानिए क्या है पूरा मामला

डिजिटल डेस्क, भोपाल। केंद्र सरकार द्वारा यूपीआई (UPI) पर 2,000 रुपए से अधिक के मर्चेंट लेनदेन के लिए हाल ही में घोषित UPI मर्चेंट भुगतान पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR (Merchant Discount Rate) ढांचे को लेकर व्यापारियों और विपक्ष द्वारा व्यापक विरोध किया जा रहा है। इसी बीच मध्य प्रदेश में बुधवार, 23 सितंबर को व्यापारिक संगठनों द्वारा ‘नो UPI डे’ मनाया जा रहा है। आज सुबह से ही इंदौर समेत कई शहरों में व्यापारियों ने UPI स्कैनर और QR कोड को काले कपड़े से ढककर विरोध जताया।
बता दें कि, इससे पहले मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर डिजिटल भुगतान को लेकर नए नियम का ऐलान किया था। जिसके तहत पेट्रोल पंप संचालक 16 अक्टूबर से यूपीआई पर 2000 रुपए से अधिक का लेनेदेन स्वीकार नहीं करेंगे। फिलहाल, जानते हैं नो UPI डे, का पूरा मामला...
क्यों मनाया जा रहा है ‘नो UPI डे’?
मप्र में व्यापारी संगठनों का कहना है कि UPI भुगतान लंबे समय से बिना MDR के कारोबार का अहम हिस्सा रहा है। अब 2,000 रुपए से अधिक के कुछ व्यापारी लेनदेन पर MDR लागू होने की व्यवस्था से व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है। इसी के विरोध में 23 सितंबर को ‘नो UPI डे’ मनाया जा रहा है। जानकारी में इंदौर में 125 से अधिक व्यापारिक संगठनों के इसमें शामिल होने की बात सामने आई है।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल मध्य प्रदेश के महासचिव अनुपम अग्रवाल ने कहा है कि, 15 अक्टूबर से दो हजार रुपए से अधिक के व्यापारी यूपीआई लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क लागू होने की बात सामने आई है। इसमें 75 हजार रुपए या उससे अधिक के लेन-देन पर शुल्क की अधिकतम राशि तीन रुपए तक होने की बात कही गई है।
व्यापारियों का कहना है कि थोक बाजार, सराफा और वाहन कारोबार जैसे क्षेत्रों में अधिकांश भुगतान 2,000 रुपए से अधिक के भुगतान बड़ी संख्या में होते हैं। ऐसे में हर बड़े डिजिटल भुगतान पर MDR लगने से कारोबार की लागत बढ़ सकती है।
पेट्रोल पंप डीलर्स ने भी किया विरोध
मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के अनुसार, 2,000 रुपए से अधिक के UPI लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने से डीलर्स पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है। ईंधन को रियायती श्रेणी में रखने के बावजूद 2,000 रुपए से अधिक के प्रत्येक लेन-देन पर 5 रुपए का फिक्स MDR लिया जा रहा है। इस पर 18 प्रतिशत GST जुड़ने के बाद प्रति लेनदेन 5.90 रुपए का अतिरिक्त खर्च पेट्रोल पंप संचालकों पर पड़ रहा है। पूरे महीने के हिसाब से देखें तो यह राशि लगभग 17,400 रुपए हो जाती है।
क्या है MDR शुल्क?
MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह शुल्क है, जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारी से लिया जाता है। नई व्यवस्था के अनुसार चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI लेनदेन में 2,000 रुपए से अधिक के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। उदाहरण के तौर पर 10,000 रुपए के भुगतान पर 40 रुपए MDR बनता है। हालांकि, यह शुल्क सीधे ग्राहक से UPI चार्ज के रूप में नहीं लिया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार ग्राहक को दुकान पर 10,000 रुपए का UPI भुगतान करने पर अलग से 40 रुपए नहीं देने होंगे।
Created On :   23 Sept 2026 1:48 PM IST












