Amravati News: अमरावती में महायुति दो फाड़,भाजपा प्रत्याशी पोटे के खिलाफ शिंदे सेना के बाजोरिया मैदान में

  • नामांकन के अंतिम दिन पोटे, देशमुख, विश्वकर्मा महल्ले ने भी भरा पर्चा
  • राणा दंपति ने भी बढ़ाया भाजपा का टेंशन

Amravati News अमरावती स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर रहीं। भाजपा उम्मीदवार प्रवीण पोटे, कांग्रेस प्रत्याशी हर्षजीत देशमुख, वंचित बहुजन आघाड़ी के नीलेश विश्वकर्मा, निर्दलिए उम्मीदवार प्रशांत महल्ले और विप्लव बाजोरिया ने नामांकन दाखिल कर चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। खास बात यह रही कि शिंदे शिवसेना से जुड़े विप्लव बाजोरिया के निर्दलीय मैदान में उतरने और राणा दंपति और उनके समर्थकों का भाजपा उम्मीदवार के नामांकन के समय नदारद रहने से महायुति में दो फाड़ होने की चर्चा तेज हो गई है। जबकि बाजोरिया के नामांकन दाखिल करने के कुछ ही घंटों पहले पालक मंत्री ने दावा किया था कि राज्य में विधान परिषद सीटों के बंटवारे को लेकर महायुति के घटक दलों में कोई मतभेद नहीं है और यह भी स्पष्ट किया कि राणा दंपति से भी चर्चा करेंगे।

भाजपा ने किया शक्ति प्रदर्शन: भाजपा उम्मीदवार प्रवीण पोटे पाटील ने पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, विधायक सुलभा खोडके, संजय खोडके, प्रताप अडसड, पूर्व सांसद आनंद अडसुल तथा महायुति के अनेक नेताओं, पदाधिकारियों और पार्षदों की मौजूदगी में शक्ति प्रदर्शन करते हुए नामांकन दाखिल किया। जिला निर्वाचन कार्यालय परिसर भाजपा समर्थकों की भीड़ नजर आई।

कांग्रेस और वंचित की भी दावेदारी : कांग्रेस उम्मीदवार हर्षजीत देशमुख ने पार्टी पदाधिकारियों और समर्थकों के साथ बी-फॉर्म संलग्न कर नामांकन दाखिल किया। वहीं चांदूर रेेलवे नगर परिषद के मनोनीत सदस्य और वंचित बहुजन आघाड़ी के नीलेश विश्वकर्मा ने भी अपनी दावेदारी पेश करते हुए चुनावी नामांकन दाखिल किया।

बाजोरिया की एंट्री से बदले समीकरण : राजनीतिक हलकों में सबसे अधिक चर्चा विप्लव बाजोरिया के नामांकन को लेकर हो रही है। परभणी-हिंगोली स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र से विधायक रह चुके बाजोरिया ने अंतिम समय में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा दाखिल किया। उनके पिता और पूर्व विधायक गोपीकिशन बाजोरिया भी इस दौरान मौजूद रहे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि 4 जून तक महायुति उन्हें नामांकन वापस लेने के लिए राजी नहीं कर पाई, तो अमरावती में मुकाबला त्रिकोणीय और बेहद रोचक हो सकता है।

महायुति में असंतोष की चर्चा: सूत्रों के अनुसार, परभणी-हिंगोली सीट पर टिकट नहीं मिलने से असंतोष की पृष्ठभूमि में विप्लव बाजोरिया को अमरावती से मैदान में उतारा गया है। ऐसे में भाजपा उम्मीदवार प्रवीण पोटे के सामने केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि संभावित अंदरूनी चुनौती भी खड़ी होती दिखाई दे रही है।

अब जांच और नाम वापसी पर नजर : नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 4 जून को नाम वापसी (विड्रॉल) की अंतिम तिथि है। इसके बाद चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। फिलहाल प्रमुख दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों की मौजूदगी ने अमरावती की इस प्रतिष्ठित सीट पर मुकाबले को रोमांचक बना दिया है।

Created On :   2 Jun 2026 12:59 PM IST

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