Balaghat News: फिलीपींस के वैज्ञानिक नेवरगांवकला पहुंचे, खेतों में परखी धान की तकनीक

फिलीपींस के वैज्ञानिक नेवरगांवकला पहुंचे, खेतों में परखी धान की तकनीक
आईआरआरआई-जेएनकेवीवी परियोजना के तहत आरसीटी और एफएलडी का निरीक्षण, किसानों से फसल प्रबंधन पर सीधा संवाद, जैव उर्वरकों के उपयोग की दी जानकारी

डिजिटल डेस्क, बालाघाट। धान उत्पादन की नई तकनीकों और बेहतर फसल प्रबंधन को खेतों तक पहुंचाने के लिए फिलीपींस से आए वैज्ञानिकों ने बुधवार को बालाघाट के नेवरगांवकला में किसानों के खेतों का निरीक्षण किया। आईआरआरआई-जेएनकेवीवी की सहयोगी परियोजना के तहत किए जा रहे आरसीटी (रैंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल्स) और एफएलडी (फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन) का वैज्ञानिकों की टीम ने जायजा लिया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों से फसल के अनुभव जाने और खेत की मौजूदा स्थिति के आधार पर फसल प्रबंधन को लेकर उपयोगी सुझाव दिए।

खेत में पहुंचकर किसानों से समझी फसल की स्थिति

निरीक्षण के दौरान फिलीपींस स्थित अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (आईआरआरआई) से वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शलभ दीक्षित और आईआरआरआई की संचार टीम की मर्टिल मेम के साथ जबलपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रामाकृष्णन मौजूद रहे। टीम ने आरसीटी और एफएलडी के तहत किए जा रहे प्रयोगों को खेत में देखा और किसानों से फसल की स्थिति, अपनाई गई तकनीक तथा अब तक के अनुभवों पर चर्चा की।

जैव उर्वरक से मिट्टी की सेहत सुधारने पर जोर

वैज्ञानिकों ने किसानों को जैव उर्वरकों के सही उपयोग की जानकारी दी। बताया कि इनके उचित उपयोग से मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार, पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाने और फसल की उत्पादकता में वृद्धि में मदद मिल सकती है। किसानों को जैव उर्वरकों के उपयोग की सही मात्रा, समय और फसल के अनुरूप इस्तेमाल को लेकर भी मार्गदर्शन दिया गया।

किसानों के अनुभव के आधार पर दी सलाह

टीम ने खेतों का निरीक्षण करने के साथ किसानों के अनुभव भी सुने। फसल प्रबंधन में सामने आ रही समस्याओं और मौजूदा स्थिति के आधार पर वैज्ञानिकों ने उपयुक्त सलाह दी। परियोजना का उद्देश्य खेतों में वैज्ञानिक तकनीकों के प्रदर्शन और उनके परिणामों के माध्यम से किसानों को बेहतर उत्पादन पद्धतियों से जोड़ना है।

Created On :   11 Aug 2026 9:13 PM IST

Tags

Next Story