Bhandara News: बावनथड़ी नदी किनारे मुक्त विचरण करते नजर आए सारस

बावनथड़ी नदी किनारे मुक्त विचरण करते नजर आए सारस
भंडारा जिले के बपेरा-सिहोरा परिसर को सारस संरक्षण क्षेत्र बनाने की मांग

Bhandara News एशिया के सबसे बड़े उड़ने वाले पक्षियों में शामिल दुर्लभ सारस पक्षी 30 सितंबर को तुमसर तहसील के बपेरा (सिहोरा) परिसर में बावनथड़ी नदी के किनारे दिखाई दिए। तीन सारस एक साथ पानी के किनारे घूमते नजर आए। इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में पक्षी प्रेमी उन्हें देखने पहुंचे।

सारस की मौजूदगी महाराष्ट्र में मुख्य रूप से भंडारा जिले के तुमसर तहसील और गोंदिया जिले में पाई जाती है। करीब पांच फीट ऊंचाई और छह से सात किलो वजन वाले सारस की लंबी टांगें, लाल सिर तथा सफेद-भूरे पंख इसकी पहचान हैं। यह सामान्यतः जोड़े में रहता है और जीवनभर एक ही साथी के साथ रहने के कारण प्रेम व निष्ठा का प्रतीक माना जाता है।

वन विभाग के अनुसार, तुमसर तहसील में करीब चार स्थानों पर सारस का प्राकृतिक आवास है। वनपरिक्षेत्र अधिकारी सी. जी. रहांगडाले ने बताया कि बावनथड़ी नदी का परिसर सारस के लिए अनुकूल है। यहां इसकी मौजूदगी पर्यावरणीय संतुलन का संकेत है। जिलाधिकारी ने सारस संरक्षण के लिए जिला सारस संवर्धन समिति का गठन किया है, जो इसके प्राकृतिक आवास के संरक्षण और जनजागरूकता पर काम कर रही है। सारस के दिखने के बाद पक्षी प्रेमियों ने बपेरा और सिहोरा परिसर को सारस संरक्षण क्षेत्र के रूप में विकसित करने की मांग की है।


Created On :   2 Oct 2026 12:32 PM IST

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