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Bhopal News: जीवित को मृत और मरे हुए को जीवित बताकर जीवन ज्योति बीमा योजना से निकाले रुपए
डिजिटल डेस्क,भोपाल। ईओडब्ल्यू ने शुक्रवार को दीपमाला मिश्रा, जिगनेश प्रजापति, नवीन मित्तल, पूजा कुमारी, नगर निगम, ग्वालियर (जन्म-मृत्यु शाखा) के तत्कालीन कर्मचारियों और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच श्योपुर के खिलाफ जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाय) में करोड़ों रुपए की धांधली करने के आरोप में केस दर्ज किया है।
ईओडब्ल्यू को शिकायत मिली थी कि ग्वालियर -चम्बल संभाग में कई गिरोह संगठित होकर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में जीवित व्यक्तियों को मृत एवं मृत व्यक्तियों को जीवित बताकर उनके कूटरचित मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर बीमा के पैसे निकाल रहे हैं। इससे शासन को करोड़ों रुपए की हानि हो रही है।
दरअसल, पीएमजेजेबीवाय केंद्र सरकार सामाजिक सुरक्षा योजना है जो गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों की प्राकृतिक या आकस्मिक मृत्यु होने पर मात्र 436 रु. की वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपए तक का बीमा देती है। 18 से 50 वर्ष के व्यक्ति योजना के पात्र होते हैं और बैकों से योजना में आवेदन किया जा सकता है। बीमा धारक की मृत्यु होने पर भुगतान नॉमिनी के खाते में किया जाता है।
ईओडब्ल्यू की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जनवरी 2020 से दिसम्बर 2024 तक ग्वालियर चम्बल संभाग में इा योजना के तहत बीमा कर रही 8 बीमा कम्पनियों, न्यू इंडिया इंशोरेंश कम्पनी, स्टार यूनियनडाई-इचीलाईफ इंश्योंरेश (सुड), भारतीय एक्सा लाईफ इंश्योरेंश कम्पनी, एक्सिस मैक्स लाईफ इंश्योरेंश कम्पनी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंश कम्पनी, आईसीआईसीआई प्रूडेशियल लाईफ इंश्योरेंश कम्पनी, एसबीआई लाईफ इंश्योरेंश कम्पनी, एलआईसी ऑफ इंडिया ने क्लेम दिया है।
चम्बल-संभाग (श्योपुर) स्टार यूनियन दाईची लाईफ इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड (सुड) के श्योपुर जिले के प्राप्त 50 प्रकरणों में से 06 प्रकरणों से 5 प्रकरणों में सुड ने बीमा राशि 2-2 लाख दीपमाला मिश्रा, जिगनेश प्रजापति, नवीन मिततल, पूजा कुमारी एवं नगर निगम ग्वालियर जन्म मृत्यु शाखा के तत्कालीन कर्मचारियों, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच श्योपुर के तत्कालीन कर्मचारियों द्वारा षडयंत्र कर जीवित व्यक्तियों के कूटरचित मृत्यु प्रमाण व अन्य दस्तावेज तैयार कर उनके जीवित रहते हुये उनको मृत दर्शाकर एवं प्रतिरूपण कर उन व्यक्तियों के नाम से 2-2 लाख ले लिए। अन्य बीमा कम्पनियों के भी क्लेम प्रकरणों की जांच की जा रही है।
Created On :   17 Jan 2026 6:31 PM IST









