हरियाली अमावस्या: परंपरा का हुआ निर्वाहन, किसी ने मछली जाल ओढ़ा, किसी ने मकान की चौखट पर कील ठोंकी

परंपरा का हुआ निर्वाहन, किसी ने मछली जाल ओढ़ा, किसी ने मकान की चौखट पर कील ठोंकी
हरियाली अमावस्या पर लोगों ने प्रकृति का श्रृंगार करने पौधारोपण किया

डिजिटल डेस्क,छिंदवाड़ा। सावन माह की अमावस्या को लोगों ने अपनी परंपरा अनुसार आस्था के साथ मनाया। इस दौरान पितृ पूजन और प्रकृति पूजन कर विभिन्न प्रकार के व्यंजनों को अर्पित किया गया। हरियाली अमावस्या पर लोगों ने प्रकृति का श्रृंगार करने पौधारोपण किया।

मछली पालने अथवा मछली का शिकार करने वाले मछुआरा समाज ने मछली जाल का पूजन कर लोगों पर उक्त जाल ओढाकर उनके अच्छे स्वास्थ्य, समृद्धि की कामनाएं की। इसी तरह लकड़ी और लोहे का कार्य करने वाले विश्वकर्मा परिवार द्वारा लोगों के घरों में पहुंचकर मकान की चौखट पर लोहे अथवा लकड़ी की ठोंक कर परिवार के खुशहाली की कामनाएं की।

रवि विश्वकर्मा और धर्मेन्द्र नवेत कहते हैं कि मान्यता है कि मछली जाल ओढऩे अथवा घर की चौखट में कील ठोंकने से उस व्यक्ति और उसके परिवार में सुख, समृद्धि, शांति आती है। मौसमी बीमारियां और बुरी बलाओं से छुटकारा मिलता है।

Created On :   12 Aug 2026 8:23 PM IST

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