Gadchiroli News: देश के टॉप-10 आकांक्षी जिलों में गड़चिरोली शामिल

देश के टॉप-10 आकांक्षी जिलों में गड़चिरोली शामिल
भामरागढ़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में अब भी 60 से 70 प्रतिशत बच्चे कम वजन के जन्म ले रहे

Gadchiroli News केंद्र सरकार की आकांक्षी जिला योजना के तहत गड़चिरोली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के 112 आकांक्षी जिलों में टॉप-10 में जगह बनाई है। परफॉर्मन्स बेस्ड इन्सेंटीव के निधि वितरण में मिली इस उपलब्धि के बाद जिला प्रशासन अब विकास की नई ऊंचाइयों को छूने की तैयारी में जुट गया है। नीति आयोग के सलाहकार दधिच इंद्रोदिया के तीन दिवसीय दौरे के समापन पर गुरुवार, 25 जून को आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने केवल वर्तमान जरूरतों तक सीमित न रहकर भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं को ध्यान में रख नवाचार आधारित विकास प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश अधिकारियों दिए।

जिले में संस्थागत प्रसूति का प्रतिशत 95 फीसदी से अधिक पहुंच चुका है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि भामरागढ़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में अब भी 60 से 70 प्रतिशत बच्चे कम वजन के जन्म ले रहे हैं। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य और महिला-बाल विकास विभाग को संयुक्त रूप से हर 15 दिन में समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। अंगनवाड़ियों में बुनियादी सुविधाओं और ‘अमृत आहार’ योजना की सराहना की गई, लेकिन गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली ‘रेडी टू कुक’ मूंग दाल खिचड़ी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आयी। इसके समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कोडो और कुटकी जैसे मोटे अनाज को पूरक पोषण आहार में शामिल करने पर चर्चा की गयी। साथ ही महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

वर्तमान में जिले में 28 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी है। अब प्रशासन का लक्ष्य इन्हें ‘करोड़पति दीदी’ बनाने का है। बैठक में नीति आयोग के सलाहकार दधिच इंद्रोदिया ने गड़चिरोली प्रशासन की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से बीडीओ, स्वास्थ्य अधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मचारियों के प्रतिबद्धता की सराहना भी की। गड़चिरोली का देश के शीर्ष आकांक्षी जिलों में शामिल होना जिले के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अब प्रशासन की नजर इस सफलता को स्थायी विकास में बदलने और आदिवासी बहुल क्षेत्रों तक उसका लाभ पहुंचाने पर है। बैठक में जिप के सीईओ सुहास गाडे, सहायक जिलाधिकारी एम. अरूण, उपवनसंरक्षक आर्या, जिला नियोजन अधिकारी प्रसाद घाडगे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रताप शिंदे, जिला शल्य चिकित्सक डा. माधुरी किलनाके, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी प्रीति हिरलकर आदि उपस्थित थे।


Created On :   26 Jun 2026 3:20 PM IST

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