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Gadchiroli News: मेंढा (लेखा) ग्रामसभा के लोकतांत्रिक और स्वशासन मॉडेल के गुर सीखेंगे प्रदेश के प्राध्यापक

Gadchiroli News आदिवासी बहुल गड़चिरोली जिले के धानोरा तहसील के ग्राम मेंढ़ा (लेखा) में गठित की गयी ग्रामसभा देश की पहली ऐसी ग्रामसभा हैं, जिसे वन के सामूहिक अधिकार प्रदान किए गए हैं। दिल्ली-मुंबई में हमारी सरकार, हमारे गांव में हम ही सरकार की तर्ज पर यह ग्रामसभा अपने स्तर पर ग्राम विकास के लिए निर्णय लेकर एक आदर्श ग्रामसभा के रूप में पूरे देशभर में उभरकर सामने आयी है। इस ग्रामसभा को ग्रामदान के अधिकार भी बहाल किए गए हंै। ग्रामसभा द्वारा चलाए जा रहे लोकतांत्रिक और स्वशासन मॉडेल के गुर सिखने का अवसर अब प्रदेश के प्राध्यापकों को उपलब्ध हुआ है। महाराष्ट्र राज्य विद्या शाखा अकेडमी और गोंडवाना विश्व विद्यालय की ओर से प्राध्यापकों के लिए मेंढ़ा गांव में विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। जिसका शुभारंभ सोमवार 2 दिसंबर को विवि के प्र-कुलगुरु डा. श्रीराम कावले के हाथों किया गया। इस शिविर में राज्य के पुना, नासिक, नागपुर, परभणी, अमरावती, यवतमाल और अन्य जिलों के दर्जनों प्राध्यापकों ने हिस्सा लिया है।
बता दें कि, मेंढ़ा ग्रामसभा के प्रमुख डा. देवाजी तोफा ने कड़ी मेहनत कर ग्रामसभा का गठन किया। वर्ष 2011 में इस ग्रामसभा को 1800 हे. जंगल के स्वामित्व का अधिकार और यहां उपलब्ध बांस के बिक्री का अधिकार प्रदान किया गया। तभी से इस ग्रामसभा का सक्षम बनने का सफर शुरू हुआ। गांव में किसी भी प्रकार का निर्णय सामुहिक रूप से लिया जाता है। ग्रामसभा प्रमुख होने के बाद भी फैसले पर सभी लोगों की सहमति आवश्यक होती है। सामूहिक वन हक के अधिकार के कारण अब यह ग्रासमभा अपने स्तर पर गांव का विकास कर रही है। ग्रामसभा द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी लेने और प्राध्यापकों को एक सामाजिक दृष्टि दिलाने के लिए ही इस शिविर का आयोजन किया गया है।
यह शिविर सोमवार 2 दिसंबर से 4 दिसंबर की कालावधि तक जारी रहेगा। प्रशिक्षण का उद्घाटन गोंडवाना विवि के प्र-कुलगुरु डा. कावले के हाथों किया गया। इस समय मेंढ़ा गांव की सरपंचा नंदा दुगा, ग्रामसभा अध्यक्ष व सामाजिक कार्यकर्ता डा. देवाजी तोफा, विवि के कुल सचिव डा. अनिल हिरेखन, महाराष्ट्र राज्य विद्या शाखा अकेडमी की संचालक डा. कल्याणी गोखले, विद्यार्थी विकास विभाग की संचालक डा. प्रिया गेडाम, प्रशिक्षण कार्यक्रम के सहसमन्वयक डा. हेमराज निखाडे आदि प्रमुखता से उपस्थित थे। प्रशिक्षण के पहले दिन गोंडवाना विवि के प्रा. डा. नरेश मडावी, फुले-आंबेडकर समाजकार्य महाविद्यालय के प्रा. डा. रूपेंद्रकुमार गौर, महिला महाविद्यालय के प्रा. डा. कुंदन दुपारे ने विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन किया। इस शिविर में प्रदेशभर के दर्जनों प्राध्यापकों ने हिस्सा लिया है।
Created On :   3 Dec 2024 3:46 PM IST















