Gondia News: शहतूत की खेती से समृद्ध हो सकते हैं किसान : वासनिक

शहतूत की खेती से समृद्ध हो सकते हैं किसान : वासनिक
महारेशम अभियान अभियान का जिलाधिकारी ने किया शुभारंभ

Gondia News परंपरागत खेती के साथ शहतूत की खेती को एक पूरक व्यवसाय के रूप में अपनाने से किसान समृद्ध हो सकते है। ऐसी सलाह रेशम विकास अधिकारी चंद्रपाल वासनिक ने दी। महारेशम अभियान 2026 के अंतर्गत गोंदिया जिले में शहतूत लगाने के कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी प्रजित नायर के हाथों किया गया।

जिले में 4 फरवरी से 5 मार्च 2026 की अवधि में महारेशम अभियान चलाया जा रहा है। इस अवसर पर निवासी उपजिलाधिकारी भैयासाहेब बेहरे, अधीक्षक जिला कृषि अधिकारी नीलेश कानवडे, जिला समन्वयक नितेश बोपचे, अर्जुनी मोरगांव के रेशम विकास अधिकारी चंद्रपाल वासनिक, सतीश राठोड, ज्ञानेश्वर भैरम, मुकेश उके आदि उपस्थित थे। इनके अलावा जिले के प्रगतिशील रेशीम किसान प्रवीण खोटेले, सुजित फाये, दीपक मारवाड़े उपस्थित थे।

एकात्मिक व शाश्वत वस्त्रोद्योग नीति 2023-2028 के अंतर्गत रेशम उद्योग को गति देने के लिए राज्य में विविध उपक्रम चलाए जा रहे हंै। कृषि एवं वन संपत्ति पर आधारित रेशम उद्योग में बड़े पैमाने पर रोजगार निर्माण की क्षमता होने के कारण राज्य का मौसम इसके लिए अनुकुल होने के कारण इस उद्योग में भरपूर अवसर की संभावनाएं हैं। वासनिक ने महारेशम अभियान 2026 के तहत गांव-गांव में शहतूत की खेती के विषय में प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

इस अभियान का लाभ लेने के लिए जिले के किसानों से शहतूत उत्पादन के लिए पंजीयन कराने का आव्हान किया गया है। कार्यक्रम में रेशम विकास अधिकारी चंद्रपाल वासनिक ने उपस्थितों को रेशम की खेती शहतूत लगाने, कोष उत्पादन एवं शासन की विविध योजनाओं की जानकारी दी। अधिक जानकारी के लिए रेशम विकास अधिकारी श्रेणी-2 जिला रेशम कार्यालय अर्जुनी मोरगांव साकोली रोड़ गोंदिया में संपर्क किया जा सकता है।


Created On :   13 Feb 2026 5:22 PM IST

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