Jabalpur News: शहर के आसपास आधा दर्जन ब्रिज ऐसे जो सालों से मरम्मत को तरस रहे

शहर के आसपास आधा दर्जन ब्रिज ऐसे जो सालों से मरम्मत को तरस रहे
  • किसी ब्रिज में स्लैब की सरिया झांक रही, तो कहीं रेलिंग गायब
  • सेतु के पिलरों के साथ इसकी तकनीकी जांच केवल कागजों में हो रही
  • सटीक जांच हो तो इनमें प्रतिबंधित तक हो सकता है यातायात

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। जबलपुर से भोपाल रोड पर रविवार को एक रेल ओवर ब्रिज का हिस्सा धंसक गया था। हाइवे के इस ब्रिज के धंसकने के साथ शहर के आसपास जर्जर हो चुके ब्रिजों को लेकर फिर चिंता जाहिर की जा रही है। शहर के आसपास आधा दर्जन के करीब ब्रिज हैं, जो सालों से सभी मौसमों की मार झेलते हुए टिके हैं, लेकिन एक्सपर्ट कहते हैं कि इन ब्रिजों को अब जल्द ही अच्छी खासी मरम्मत की जरूरत है।

नर्मदा घाटी, लोक निर्माण एनएच, लोक निर्माण विभाग के ये ब्रिज अलग-अलग जगह बने हैं। इनमें हर हाल में सुधार की जरूरत है। सबसे ज्यादा खराब हालत नर्मदा घाटी के बरगी बांध सागर परियोजना के तहत बने टेमर नदी ब्रिज की है।

इसी तरह बरगी बांध का डाउन स्ट्रीम ब्रिज भी है जो सालों से मरम्मत मांग रहा है। एक्सपर्ट का कहना है कि आसपास जिन ब्रिजों की दशा कुछ ठीक नहीं है, उसका कारण यही है कि ब्रिज मैन्युल के अनुसार इनकी हर छह माह में तकनीकी जांच नहीं हो रही है।

यह जांच केवल कागजों में है यदि यह जांच मौलिक रूप से होती तो इनमें जरूरी सुधार हर कुछ समय के बाद होता रहता।

बरगी टेमर नदी ब्रिज

इस ब्रिज में जगह-जगह सरिया निकल आई है। इसकी रेलिंग ज्यादातर हिस्से में गायब है। नीचे के पिलरों की सालों से जांच नहीं हो पाई है। ब्रिज की खराब स्थिति को लेकर नर्मदा घाटी के ईई राजेश गोंड कहते हैं कि ब्रिज की मरम्मत को लेकर ढाई करोड़ का टेण्डर जारी िकया गया है। इसमें बारिश के पहले सुधार किया जाएगा।

बरगी बांध का डाउन स्ट्रीम ब्रिज

इस ब्रिज में भी रेलिंग मार्किंग, ब्रिज के ऊपर की सड़क पूरी तरह से बेकार हो चुकी है। तीन साल पहले इसमें मानसून सीजन में एंट्री प्वाॅइंट से पहले मिट्टी बह गई थी, अब सागर परियोजना ने इसमें डामरीकरण के लिए टेण्डर जारी किया है, जो 6 मार्च को ओपन होगा। कहा जा रहा है कि मानसून सीजन से पहले ब्रिज को भी दुरुस्त बनाया जाएगा।

भेड़ाघाट फॉल के सामने वाला ब्रिज

इस ब्रिज को सगड़ा लम्हेटा से भेड़ाघाट सड़क निर्माण के समय बनाया गया है, जब से ब्रिज बना है तब से यहां स्थित सड़क पर किसी तरह से सुधार नहीं है। हाई फ्लड एरिया में होने की वजह से इसकी हर छह माह में जांच जरूरी है, जो जानकारों के अनुसार लंबे समय से नहीं हो सकी है। इस ब्रिज में समय के साथ अब सुधार की जरूरत है।

गौर नदी ब्रिज

इस ब्रिज के मालिक बदलने के साथ इसमें ध्यान देने वाला कोई नहीं है। गौर से पहले बरेला रोड पर बना ब्रिज पहले लोक निर्माण एनएच के हिस्से में था। विभाग ने वाएएमसीए तिराहे से बरेला तक 14 किलोमीटर सड़क को बनाकर तीन विभागों को बांट दिया।

अब कैण्ट, नगर निगम और बरेला नगर परिषद के हिस्से में सड़क चली गई है, लेकिन ब्रिज पर ध्यान देने वाला कोई विभाग नहीं है। बरेला नगर परिषद को ब्रिज हस्तांतरित हुआ पर इसमें सुधार और नया रूप देने का कोई प्रपाेजल कभी नहीं बन सका।

Created On :   25 Feb 2026 7:23 PM IST

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