Latur News: सीआरपीएफ का जवान केवल बल का हिस्सा नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ है - अंसारी

सीआरपीएफ का जवान केवल बल का हिस्सा नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ है - अंसारी
  • 1166 नवप्रशिक्षित जवानों ने ली राष्ट्रसेवा की शपथ
  • सीआरपीएफ रिकूट प्रशिक्षण केंद्र, लातूर में भव्य दीक्षांत परेड
  • 44 सप्ताह के कठोर प्रशिक्षण के बाद देश को मिले अनुशासित प्रहरी

Latur News. संजय बुच्चे. केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के रिकूट प्रशिक्षण केंद्र, लातूर में बैच क्रमांक–32 का दीक्षांत परेड एवं शपथ ग्रहण समारोह पूरे सैन्य अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर कुल 1166 नवप्रशिक्षित जवानों ने मातृभूमि की सेवा, संविधान की रक्षा तथा कर्तव्यनिष्ठा की शपथ ली।

इस अवसर पर पुलिस उप महानिरीक्षक अमीन हसन अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि सीआरपीएफ का जवान केवल एक बल का सदस्य नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभक्ति, गर्व और अटूट संकल्प के साथ हमारे जवान हर चुनौती का सामना करने के लिए सदैव तैयार रहते हैं।

12 जनवरी को आयोजित इस दीक्षांत समारोह में सिपाही (जीडी) – 400, सिपाही (ड्राइवर) – 592, सिपाही (बग़लर) – 19 तथा अन्य संवर्ग – 65 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूर्ण कर सीआरपीएफ की मुख्यधारा में प्रवेश किया।

44 सप्ताह का कठोर प्रशिक्षण, फौलादी संकल्प

नवप्रशिक्षित जवानों ने 44 सप्ताह के कठोर, अनुशासित और चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण के दौरान अपनी शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता, युद्ध कौशल और सामरिक दक्षता को निखारा। प्रशिक्षण में हथियार संचालन, ड्रिल, फायरिंग, फील्ड क्राफ्ट, आपदा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा रणनीतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि जवान हर परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए पूर्णतः सक्षम बन सकें।

सीआरपीएफ देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ — मुख्य अतिथि

समारोह के मुख्य अतिथि, विशेष महानिदेशक, सीआरपीएफ ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि अनुशासन, कर्तव्य और बलिदान ही सीआरपीएफ की वास्तविक पहचान है। उन्होंने जवानों से संविधान के मूल्यों, राष्ट्रनिष्ठा और मानवीय दृष्टिकोण के साथ सेवा करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर बी. विनीत कुमार (पुलिस निरीक्षक), अमीन हसन अंसारी (पुलिस उप महानिरीक्षक), वेदप्रकाश (कमांडेंट, जीडीसी), चारामगुड़े (उप कमांडेंट), वर्षा कुरे (अपर जिल्हाधिकारी, लातूर), अमोल करे (आईपीएस, पुलिस अधीक्षक, लातूर) सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य अतिथि, प्रशिक्षु जवानों के परिजन, विद्यार्थी एवं युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को सम्मान

प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं एवं प्रशिक्षकों को विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए।

  • कांस्टेबल (ड्राइवर) हितेश – सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु एवं सर्वांगीण सर्वश्रेष्ठ
  • कांस्टेबल (ड्राइवर) अर्जुन – सर्वश्रेष्ठ हथियार संचालन
  • कांस्टेबल (ड्राइवर) विमल सिंह – सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी
  • कांस्टेबल (बग़लर) सिम्मा नारायणराव – बी.ओ.ए.सी. में श्रेष्ठ
  • कांस्टेबल (जीडी) हरेंद्र सिंह – सर्वश्रेष्ठ ड्रिल
  • एएसआई (जीडी) प्रविण बारला – सर्वश्रेष्ठ पीटी
  • हेड कांस्टेबल (जीडी) ए. के. प्रिष्ठी – सर्वश्रेष्ठ ड्रिल इंस्ट्रक्टर
  • कांस्टेबल (जीडी) रामचंद्र पांडा – सर्वश्रेष्ठ इंस्ट्रक्टर
  • निलेश पवार – सर्वश्रेष्ठ पीटी इंस्ट्रक्टर

शारीरिक प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

समारोह के दौरान प्रशिक्षुओं द्वारा मार्शल आर्ट, जुम्बा, कलारीपयट्टू एवं सामूहिक शारीरिक प्रदर्शन प्रस्तुत किए गए, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। परेड ग्राउंड तालियों की गड़गड़ाहट और राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंज उठा।

अब देश के संवेदनशील क्षेत्रों में तैनाती

प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद ये जवान देश के संवेदनशील एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों, आतंकवाद विरोधी अभियानों, कानून-व्यवस्था, नक्सल प्रभावित इलाकों तथा प्राकृतिक आपदा राहत कार्यों में अपनी सेवाएं देंगे।

यह दीक्षांत समारोह हर्ष, उल्लास, राष्ट्रभक्ति और अटूट संकल्प के साथ संपन्न हुआ, जिसने उपस्थित सभी नागरिकों में सुरक्षा बलों के प्रति गर्व की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।

Created On :   12 Jan 2026 7:39 PM IST

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