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प्रश्नकाल: विधानसभा में छोटे सवाल पूछें, ज्यादा मुद्दों पर होगी चर्चा, प्रदेश के सरकारी कर्मियों का महंगाई भत्ता 3 प्रतिशत बढ़ा, बीड में लगाए 30 लाख पेड़ों में 90 फीसदी नष्ट

- अध्यक्ष राहुल नार्वेकर की विधायकों को लगातार दूसरे दिन चेतावनी
- प्रदेश के सरकारी कर्मियों का महंगाई भत्ता 3 प्रतिशत बढ़ा
- बीड में पिछले वर्ष एक दिन में लगाए गए 30 लाख पेड़ में से 90 फीसदी नष्ट हुए
- पिछले एक वर्ष में राज्य में 41 वाघ की हुई मौत, संदिग्ध गतिविधियां कैमरों में की जा रहीं हैं कैद- नाईक
Mumbai News. विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान समय प्रबंधन को लेकर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने विधायकों को लगातार दूसरे दिन नसीहत दी। बुधवार को एक सदस्य द्वारा करीब चार मिनट लंबा सवाल पूछे जाने पर नार्वेकर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि सदस्य कम समय में सटीक और संक्षिप्त सवाल पूछेंगे तो सदन में अधिक से अधिक मुद्दों पर चर्चा हो सकेगी। नार्वेकर ने कहा मैंने मंगलवार को भी यही बात कही थी कि सवाल छोटे और स्पष्ट होने चाहिए। इससे ज्यादा सवालों के जवाब लिए जा सकेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि प्रश्नकाल का समय सीमित है, इसलिए सभी सदस्यों को समय का ध्यान रखना चाहिए।
एक घंटे में सिर्फ 6 से 8 सवाल
विधानसभा में प्रश्नकाल की अवधि एक घंटे की होती है। आमतौर पर इस दौरान केवल 6 से 8 सवाल ही पुकारे जा पाते हैं। जबकि कामकाज की पत्रिका में प्रश्नों की संख्या करीब 30 से 50 के बीच रहती है। कम सवाल लिए जाने की स्थिति में कई महत्वपूर्ण विषयों पर सदन में चर्चा का अवसर नहीं मिल पाता। अध्यक्ष ने सदस्यों से अपील की कि वे अपने सवाल संक्षिप्त रखें, ताकि अधिकाधिक जनहित के मुद्दे उठाए जा सकें। गौरतलब है कि मंगलवार को भी अध्यक्ष नार्वेकर ने इसी तरह की टिप्पणी कर सदन को समय की उपयोगिता का संदेश दिया था। गृह राज्य मंत्री (शहर) योगेश कदम ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने जो सलाह सभी सदस्यों की दी है वह एक दम सही है। कदम ने कहा कि कभी-कभी तो ऐसे होता है कि सवाल पूछने वाले सदस्य का सवाल इतना बढ़ा होता है जबकि हमारा जवाब बहुत छोटा। इसलिए अगर सभी सदस्य छोटे सवाल पूछेंगे तो ज्यादा से ज्यादा सदस्यों को न्याय मिल सकेगा।
प्रदेश के सरकारी कर्मियों का महंगाई भत्ता 3 प्रतिशत बढ़ा
प्रदेश के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है। गुढीपाडवा त्योहार से पहले महायुति सरकार ने यह फैसला लिया है। बुधवार को विधान परिषद में प्रदेश के वित्त राज्य मंत्री आशीष जयस्वाल ने यह घोषणा की। इससे सरकारी कर्मियों का महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है। राज्य मंत्री ने बताया कि सरकारी कर्मियों को बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता का लाभ जुलाई 2025 से मिल सकेगा। जुलाई से अक्टूबर 2025 तक की बकाया महंगाई भत्ते की राशि मार्च 2026 में प्रदान की जाएगी। जबकि नवंबर 2025 से जनवरी 2026 की अवधि की बकाया राशि के लिए सरकार अलग से आदेश जारी करेगी। जयस्वाल ने बताया कि महंगाई भत्ता बढ़ोतरी का लाभ राज्य के लगभग 5 लाख 96 हजार सरकारी कर्मी और 8 लाख 12 हजार पेंशनधारकों को होगा।
बीड में पिछले वर्ष एक दिन में लगाए गए 30 लाख पेड़ में से 90 फीसदी नष्ट हुए- चेतन तुपे
बीड़ जिले में पिछले वर्ष एक ही दिन में लगाए गए 30 लाख पेड़ों में से 90 फीसदी के नष्ट होने का मुद्दा विधानसभा में गूंजा। राकांपा (अजित) विधायक चेतन तुपे ने सरकार से इस संबंध में सवाल उठाते हुए वृक्षारोपण अभियान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान तुपे ने कहा कि सरकार को इस संबंध में खुलासा करना चाहिए कि बीड में लगाए गए 30 लाख पेड़ों में से 90 प्रतिशत पेड़ सूख गए हैं। इस पर जवाब देते हुए वन मंत्री गणेश नाईक ने कहा कि बीड़ शहर में चलाए गए वृक्षारोपण अभियान के तहत लक्ष्य से अधिक पौधे लगाए गए हैं और उनमें से 90 प्रतिशत से ज्यादा पौधे जीवित हैं। वन मंत्री नाईक ने बताया कि ‘हरित महाराष्ट्र, समृद्ध महाराष्ट्र’ अभियान के तहत 7 अगस्त 2025 को बीड़ जिले में विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस दिन कुल 70 लाख 33 हजार 553 पौधे लगाए गए। अक्टूबर 2025 के अंत तक 90 प्रतिशत पौधे जीवित पाए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस अभियान के अंतर्गत रेलवे प्रशासन द्वारा किसी प्रकार का वृक्षारोपण नहीं किया। लगाए गए पौधों के संरक्षण और देखभाल की जिम्मेदारी संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की है। मंत्री ने कहा कि सरकारी निधि का कोई दुरुपयोग नहीं हुआ है।हालांकि, यदि किसी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जंगलों में आग रोकने के लिए मिलेंगे अत्याधुनिक उपकरण: गणेश नाईक
राज्य के वन क्षेत्रों में लगने वाली आग की घटनाओं को रोकने और उन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकार अत्याधुनिक साधन सामग्री उपलब्ध कराएगी। यह जानकारी गणेश नाईक ने प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा में दी। विधानसभा में कांग्रेस सदस्य ज्योति गायकवाड़ ने बीड़, सोलापुर और ठाणे जिलों में लगी जंगल की आग को लेकर प्रश्न उठाया था। इसके उत्तर में वन मंत्री ने बताया कि आग पर नियंत्रण के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि, एनजीओ, वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं। सैटेलाइट प्रणाली के माध्यम से जंगल की आग की पहचान करने की व्यवस्था भी शुरू की गई है। मंत्री नाईक ने कहा कि ठाणे जिले में 204, सोलापुर में 36 और बीड़ जिले में 25 स्थानों पर आग लगने की घटनाएं दर्ज की गईं। आग बुझाने के लिए संयुक्त वन प्रबंधन के तहत स्थानीय नागरिकों की भी मदद ली जा रही है। कई स्थानों पर वन कर्मचारी, शिक्षक और विद्यार्थी भी सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सिंधुदुर्ग जिले में कुछ वन क्षेत्र है, जबकि रत्नागिरी जिले में करीब 90 प्रतिशत भूमि निजी स्वामित्व में है। निजी जमीन पर आग लगने से फणस, आम, नारियल और सुपारी जैसे पेड़ों को नुकसान हुआ है। इस संबंध में कृषि विभाग के साथ समन्वय कर समाधान निकाला जाएगा। इस चर्चा में विधायक संजय मेश्राम, शेखर निकम और बाबासाहेब देशमुख ने भी भाग लिया।
पिछले एक वर्ष में राज्य में 41 वाघ की हुई मौत, संदिग्ध गतिविधियां कैमरों में की जा रहीं हैं कैद- नाईक
राज्य में वर्ष 2025 के दौरान कुल 41 बाघों की मौत दर्ज की गई है। यह जानकारी राज्य के वन मंत्री गणेश नाईक ने विधानसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में दी। उन्होंने कहा कि ज्यादातर मौतें प्राकृतिक कारणों से हुई हैं, लेकिन दुर्घटना, करंट लगने और शिकार जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है।
मौतों का कारण
मंत्री द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार 41 मौतों में से 28 वाघ की मौत प्राकृतिक कारणों से, 8 दुर्घटनाओं में, 4 बिजली के करंट से, 1 शिकार (पोचिंग) के कारण हुई। मंत्री नाईक ने बताया कि बल्लारशाह-गोंदिया रेलवे लाइन कई वन प्रभागों और ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व के संवेदनशील बफर जोन से होकर गुजरती है। वर्ष 2011 से 2025 के बीच इस ट्रैक पर 5 बाघों की मौत हो चुकी है। मंत्री नाईक ने कहा कि पिछले 5 वर्ष में वन्य जीवों से हमले में 394 लोगों की भी मौत हुई है। राज्य में बाघों की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। फील्ड स्टाफ एम-स्ट्राइप्स मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग कर रहा है। नागपुर में वाइल्डलाइफ क्राइम सेल को मजबूत किया गया है। मेलघाट में साइबर सेल डिजिटल माध्यम और शिकारियों की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एचडी कैमरों का इस्तेमाल हो रहा है।
Created On :   25 Feb 2026 10:30 PM IST











