ठगी का मामला: अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हवीबा अंसारी से करोड़ों की ठगी के मामले में क्राइम ब्रांच ने व्यवसायी निशित पटेल को किया गिरफ्तार

अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हवीबा अंसारी से करोड़ों की ठगी के मामले में क्राइम ब्रांच ने व्यवसायी निशित पटेल को किया गिरफ्तार
  • हबीबा के अलावा कई अन्य अधिकारियों और कलाकारों से भी हुई है ठगी
  • पटेल के अलावा बीएमसी सहायक आयुक्त महेश पाटिल समेत पाँच और लोग भी हैं मामले में आरोपी

Mumbai News. मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने अभिनेता जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी से 16 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के मामले में कारोबारी निशित पटेल को गिरफ्तार किया है। इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी मामले में बीएमसी के सहायक आयुक्त महेश पाटिल समेत कुल छह लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि आरोपियों ने खुद को बड़े बिल्डरों और सरकारी अधिकारियों से जुड़ा बताकर न केवल हबीबा जाफरी और उनके परिवार, बल्कि कई अन्य कलाकारों, रिश्तेदारों और प्रभावशाली लोगों को भी करोड़ों रुपये के निवेश के नाम पर जाल में फंसाया। पटेल को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे १९ मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। क्राइम ब्रांच के अनुसार, मामले की जांच आर्थिक अपराध और फर्जी रियल एस्टेट निवेश नेटवर्क के एंगल से की जा रही है। पुलिस को शुरुआती जांच में कई फर्जी रजिस्ट्री दस्तावेज, कथित बनावटी नोटरी पेपर, फर्जी हस्तांतरण करारनामे और अलग-अलग कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किए गए करोड़ों रुपये के लेन-देन के सबूत मिले हैं।

प्रॉपर्टी टैक्स नोटिस से शुरू हुई साजिश

शिकायत के मुताबिक, अप्रैल 2024 में हबीबा जाफरी और उनके पति जावेद जाफरी को अंधेरी पश्चिम स्थित उनके बंगले के प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर बीएमसी की ओर से नोटिस मिला था। इसी दौरान परिचित अली रजा ने उनकी मुलाकात बीएमसी जी-साउथ वार्ड के सहायक आयुक्त महेश पाटिल से कराई। आरोप है कि महेश पाटिल ने पहले टैक्स सेटलमेंट का भरोसा दिलाया और बाद में बांद्रा पश्चिम स्थित न्यू कमलकुंज नामक कमर्शियल प्रोजेक्ट में निवेश की सलाह दी। पाटिल ने दावा किया कि यह प्रोजेक्ट बेहद लाभदायक है और यहां 1500 रुपये प्रति स्क्वेयर फीट तक किराया मिलेगा। बाद में उन्होंने व्यवसायी निशित पटेल से जाफरी परिवार की मुलाकात करवाई।

सिर्फ आपके लिए खास निवेश मौका

दर्ज एफआईआर के अनुसार, निशित पटेल ने खुद को बड़े बिल्डरों और डेवलपर्स से जुड़ा बताते हुए दावा किया कि प्रोजेक्ट में पहले से 150 करोड़ रुपये का निवेश है। उसने जाफरी परिवार को भरोसा दिलाया कि दिसंबर 2025 तक उन्हें कमर्शियल स्पेस का कब्जा मिल जाएगा और विदेशी बैंक तक प्री-लीज एग्रीमेंट करने को तैयार हैं। आरोप है कि महेश पाटिल और निशित पटेल ने कई बार जाफरी परिवार के घर जाकर उन्हें निवेश के लिए राजी किया। इस दौरान कथित तौर पर नक्शे, लेटरहेड, फर्जी रुचि-पत्र और बिल्डरों के नाम पर तैयार दस्तावेज दिखाए गए। यहां तक कि व्हाट्सऐप पर प्रोजेक्ट की तस्वीरें और वीडियो भेजकर भरोसा मजबूत किया गया।

परिवार और रिश्तेदारों से जुटाए गए करोड़ों रुपए

भरोसे में आने के बाद जाफरी परिवार ने अपने फ्लैट और बंगले तक बेचने का फैसला किया और अलग-अलग खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए। पुलिस के मुताबिक, यह रकम कई कंपनियों जैसे पूजन टेक्नोलॉजीज, उदित ट्रेडर्स, एशियन फूड, आरपीपीएल मल्टी ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड और अन्य खातों में भेजी गई।एफआईआर के अनुसार, जावेद जाफरी, हबीबा जाफरी, नावेद जाफरी, उस्मान खान, निकिता मेहरा, निखिल मेहरा, लॉन्जी फर्नांडिस, शबाना फर्नांडिस समेत कई लोगों ने निवेश के नाम पर पैसे दिए। शिकायत में कुल 16.24 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया गया है। इसमें नकद रकम, विदेशी मुद्रा और करीब 20 लाख रुपये कीमत की लग्जरी घड़ी भी शामिल है।

घर पहुंचकर किए गए फर्जी रजिस्ट्रेशन

मामले का सबसे सनसनीखेज हिस्सा कथित फर्जी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को लेकर सामने आया है। शिकायत के अनुसार, आरोपी रूपेश, देवेंद्र पडवळ और अन्य लोग सरकारी मशीन जैसी डिवाइस लेकर जाफरी परिवार के घर पहुंचे और फोटो, फिंगरप्रिंट तथा हस्ताक्षर लेकर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी करने का दावा किया। बाद में आरोपियों ने कथित रजिस्टर्ड दस्तावेजों की कॉपी सौंपी। जब हबीबा जाफरी ने मूल दस्तावेज मांगे तो उन्हें बताया गया कि मूल कागजात बिल्डर के पास रहते हैं।

बिल्डरों से संपर्क के बाद खुला फर्जीवाड़ा

शक बढ़ने पर हबीबा जाफरी खुद कथित बिल्डर कंपनियों के दफ्तर पहुंचीं। वहां उन्हें पता चला कि जिन बिल्डरों और प्रोजेक्ट्स के नाम पर निवेश कराया गया, उनका निशित पटेल और महेश पाटिल से कोई संबंध ही नहीं है। कथित कमलकुंज प्रोजेक्ट से जुड़े कई करारनामे भी फर्जी निकले। एक दस्तावेज का नंबर रजिस्ट्रेशन कार्यालय में मौजूद ही नहीं था। जब इस बारे में निशित पटेल से पूछताछ की गई तो उसने दस्तावेज फर्जी होने की बात स्वीकार कर ली।

कई कलाकार और अधिकारी भी जांच के दायरे में

क्राइम ब्रांच सूत्रों का कहना है कि जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या इसी मॉडस ऑपरेंडी से अन्य कलाकारों, कारोबारियों और सरकारी अधिकारियों से भी निवेश के नाम पर रकम वसूली गई। मामले में महेश पाटिल, निशित पटेल, सागर मेहता, रूपेश, देवेंद्र पडवळ और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

क्राइम ब्रांच की जांच तेज

मुंबई क्राइम ब्रांच अब आरोपियों के बैंक खातों, कथित शेल कंपनियों, फर्जी दस्तावेजों और रियल एस्टेट कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में गई और क्या इस पूरे नेटवर्क में और लोग भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

Created On :   14 May 2026 9:57 PM IST

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