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कड़ी आलोचना: फडणवीस ने कहा - विपक्ष ने महिलाओं की उम्मीदों पर फेरा पानी, आरक्षण के लिए राज्यभर में होगा आंदोलन

Mumbai News. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने देने के लिए विपक्ष की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उनकी "पिछड़ी मानसिकता' ने भारत में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के एक ऐतिहासिक क्षण की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। सोमवार को आईएमसी में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक के लिए राज्यभर में बड़े पैमाने पर जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। फडणवीस ने कहा कि राज्य की एक करोड़ महिलाओं के हस्ताक्षर जुटाकर बड़े पैमाने पर मोर्चे, सभाएं और जनजागरण अभियान चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीति का मुद्दा नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकार और सामाजिक न्याय की लड़ाई है।” इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलोंपर तीखा हमला करते हुए कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे को कांग्रेस हमेशा टालती रही है। आज भी विरोध करके उन्होंने अपनी सोच जाहिर कर दी है। विपक्षी दल जानबूझकर दोहरी भूमिका निभा रहे हैं और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ना नहीं चाहते।
इस लिए दोबारा पेश किया गया था विधेयक
महिला आरक्षण विधेयक दोबारा पेश करने की वजह बताते हुए फडणवीस ने कहा कि 2023 में हुए संविधान संशोधन के समय 2021 की जनगणना को आधार माना गया था, लेकिन जनगणना नहीं होने के कारण इसे लागू करने में देरी हो सकती है। अगर 2027 से परिसीमन प्रक्रिया शुरू हुई, तो 2034 तक महिला आरक्षण लागू नहीं हो पाएगा। इसलिए 2011 की जनगणना के आधार पर यह विधेयक फिर से लाना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल लोकसभा में लगभग 73 महिलाएं हैं, लेकिन यह विधेयक लागू होता तो यह संख्या 273 तक पहुंच सकती थी।
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एक करोड़ महिलाओं के कराएंगे हस्ताक्षर
फडणवीस ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए घोषणा की कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन अब राज्य भर की महिलाओं से एक करोड़ हस्ताक्षर एकत्र करने के लिए एक व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू करेगा, जिसका उद्देश्य "जनमत' का निर्माण करना और विपक्ष के महिला विरोधी रुख को उजागर करना है। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल देश की राजनीतिक और सामाजिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होने वाला था, क्योंकि विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने के वास्ते संसद में विधेयक पारित होने वाला था। फडणवीस ने विपक्षी दलों पर निर्वाचित निकायों में महिलाओं के अधिकारों की 'भ्रूणहत्या' करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "विपक्ष ने अपनी प्रतिगामी मानसिकता के कारण महिला आरक्षण विधेयक की हत्या कर दी।' उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के पास दो-तिहाई बहुमत होता, तो विपक्ष ने अभी विधेयक का समर्थन किया होता, लेकिन सत्तारूढ़ गठबंधन के पास बहुमत न होने के कारण विपक्ष ने इसे एक अवसर के रूप में देखा। लोकसभा में 17 अप्रैल को एक संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाया, जिसका उद्देश्य 2029 में विधायिकाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना और लोकसभा सीट की संख्या में वृद्धि करना था।
प्रियंका गांधी नई है
एक सवाल के जवाब में फडणवीस ने कहा कि मैं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी को दोष नहीं दूंगा क्योंकि वे नई हैं। उन्हें तथ्यों की जानकारी नहीं है।
Created On :   20 April 2026 10:10 PM IST






