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भेदभाव: बेटा नहीं हुआ तो सर्राफा व्यापारी ने पत्नी और दो बेटियों को घर से निकाला, पुत्र की चाह में दूसरी शादी का आरोप

Nagpur News. आज के दौर में भी बेटे-बेटी के बीच भेदभाव के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला गड़चिरोली जिले के देसाईगंज में सामने आया है। आरोप है कि पुत्र की चाह में एक सर्राफा व्यापारी ने पत्नी और अपनी दो बेटियों को घर से निकाल दिया। पत्नी का यह भी आरोप है कि पति दूसरी शादी करना चाहता था और इसी बात को लेकर उसे लगातार शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
आरोपी की पहचान सुनील पुडलिक बोके (48), निवासी देसाईगंज, जिला गड़चिरोली के रूप में हुई है। शिकायत के अनुसार, सुनील और जयश्री का विवाह 1 जून 2005 को सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। विवाह के बाद दंपती की दो बेटियां हुईं, जिनकी उम्र वर्तमान में 21 और 18 वर्ष है।
जयश्री का आरोप है कि सुनील को बेटे की चाह थी। दोनों बेटियों के जन्म के बाद वह शराब के नशे में उसके साथ मारपीट करने के साथ ही मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। वह कथित तौर पर कहता था कि यदि जयश्री उसे बेटा दे सकती है, तभी वह उसके साथ रहेगी, अन्यथा बेटियों को लेकर घर से निकल जाए। वह दूसरी शादी करने की बात भी कहता था।
शिकायत के मुताबिक, करीब दो वर्ष पहले सुनील ने जयश्री को दोनों बेटियों के साथ घर से निकाल दिया। जयश्री का आरोप है कि इसके बाद सुनील ने किसी अन्य महिला से दूसरी शादी कर ली और उसके परिवार के सदस्यों ने भी इसमें उसका साथ दिया।
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मामला पहले भरोसा सेल के पास पहुंचा था। वहां समझौता नहीं होने के बाद प्रकरण पुलिस के पास भेजा गया। प्रारंभिक जांच में घटना की पुष्टि होने के बाद सुनील के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
जयश्री ने आरोप लगाया है कि बेटा-बेटी में भेदभाव करने के कारण मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। उसने पति का साथ देने वाले परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की है।
Created On :   4 Sept 2026 2:12 PM IST












