नया परिवार: सात बच्चों को मिला हक का परिवार, फ्रांस-मुंबई-पुणे और वर्धा के दत्तक पालकों को कानूनी आदेश जारी

सात बच्चों को मिला हक का परिवार, फ्रांस-मुंबई-पुणे और वर्धा के दत्तक पालकों को कानूनी आदेश जारी
  • सीएआरए की ऑनलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता और कार्यक्षमता को मिली मजबूती
  • नागपुर से महाराष्ट्र में दत्तक प्रक्रिया के ऑनलाइन सिस्टम को मिली नई दिशा

Nagpur News. बच्चों को स्नेह, सुरक्षा और स्थायी परिवार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र व राज्य सरकार की ओर से संचालित दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को नागपुर में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण (सीएआरए), नई दिल्ली की मार्गदर्शक प्रणाली के तहत 3 सितंबर को सात बच्चों के दत्तक ग्रहण आदेश की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की गई। यह प्रक्रिया जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद की उपस्थिति में सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न हुई।

इन सात बच्चों में फ्रांस के एक, मुंबई के तीन, पुणे के दो और वर्धा के एक बच्चे को दत्तक पालक मिले हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन बच्चों को अब सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और स्थायी पारिवारिक वातावरण मिल सकेगा।

दत्तक ग्रहण प्रक्रिया के लिहाज से नागपुर में हुई यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि महाराष्ट्र में सीएआरए के ऑनलाइन गाइडेंस सिस्टम को अपडेट करने की प्रक्रिया नागपुर से की गई है। ऑनला

इन प्रणाली से दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता, कानूनी मान्यता, सुविधा और कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिल रही है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद के अलावा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे, जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुस्ताक पठान, संरक्षण अधिकारी विनोद शेंडे, लॉ एवं प्रोबेशन अधिकारी सुजाता गुल्हाने, श्रद्धानंद दत्तक संस्था की ललिता गावंडे, प्रतिमा दीवानजी तथा दत्तक पालक उपस्थित रहे।

बच्चों के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए सरकार के नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी प्रक्रिया संपन्न की गई। कानूनी रूप से परिवार का सहारा मिलने से सात बच्चों के लिए सुरक्षित भविष्य और भावनात्मक रूप से बेहतर पारिवारिक माहौल सुनिश्चित हुआ है।

बच्चों के पुनर्वास की दिशा में अहम कदम

दत्तक ग्रहण प्रक्रिया का उद्देश्य बच्चों को संस्थागत देखभाल के बजाय सुरक्षित और पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराना है। परिवार मिलने से बच्चों के भावनात्मक विकास, सुरक्षा और भविष्य को मजबूती मिलती है। नागपुर में हुई ऑनलाइन दत्तक प्रक्रिया बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। सात बच्चों को अब नए परिवार के साथ नई उम्मीद और सुरक्षित भविष्य मिला है।

Created On :   4 Sept 2026 1:53 PM IST

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