Nagpur News: एनेस्थेसिया का ओवरडोज लेकर डॉक्टर ने की आत्महत्या

एनेस्थेसिया का ओवरडोज लेकर डॉक्टर ने की आत्महत्या
  • घरेलू कलह बताया जा रहा कारण
  • पुलिस तफ्तीश में जुटी

Nagpur News आयुर्वेद चिकित्सा शाखा से शिक्षा प्राप्त एक डॉक्टर ने कथित तौर पर एनेस्थेसिया का इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना सोमवार सुबह करीब 9.15 बजे धंतोली थाना क्षेत्र स्थित यशवंत स्टेडियम के पास के अस्पताल में सामने आई। मृतक की पहचान डॉ. ईश्वरचंद्र नरहरि चांदेवार (42) के रूप में हुई है।

कई तरह की अटकलें : घटना को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। धंतोली के वरिष्ठ थानेदार साईनाथ रामोड के नेतृत्व में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मानेवाड़ा के शिवशक्ति नगर निवासी डॉ. ईश्वरचंद्र चांदेवार, आयुर्वेद चिकित्सा शाखा से शिक्षित थे और वह धंतोली स्थित न्यूरॉन्स ब्रेन अस्पताल में रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभाल रहे थे। बताया गया कि डॉ. चांदेवार ने रविवार की रात अपनी ड्यूटी पूरी की। इसके बाद सोमवार तड़के करीब 4 बजे वे अस्पताल के अपने केबिन में पहुंचे। वहां उन्होंने एनेस्थेसिया का ओवरडोज इंजेक्शन लगा लिया। दवा की मात्रा अधिक होने के कारण वे बेहोश हो गए। सुबह 9 बजे अस्पताल के अन्य कर्मचारी काम पर पहुंचे। उस समय डॉ. ईश्वर केबिन से बाहर नहीं आए। काफी आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

पारिवारिक तनाव की भी जांच : सहकर्मियों को शंका हुई। दरवाजा अंदर से बंद था। काफी प्रयास के बाद भी जवाब नहीं मिलने पर अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी गई। धंतोली पुलिस मौके पर पहुंची, केबिन का दरवाजा खोलने पर डॉक्टर ईश्वर अचेत अवस्था में मिले। जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि डॉक्टर पिछले कुछ समय से मानसिक और पारिवारिक तनाव से गुजर रहे थे, हालांकि पुलिस ने इस दिशा में जांच शुरू कर दी है कि वह किस तरह से परेशान चल रहे थे। बताया जा रहा है कि वे पिछले करीब 5 दिनों से घर भी नहीं गए थे। बताया गया है कि डॉ. ईश्वर के पिता एक सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उनका एक भाई नागपुर जिला परिषद में इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। डॉ. ईश्वर ने प्रेम विवाह किया था।

कुछ समय से तनावग्रस्त थे : परिवार में कोई विवाद चल रहा था, जिसके चलते वे कुछ समय से तनावग्रस्त रहते थे। पांच दिन से घर नहीं गए थे। उन्होंने एनस्थेसिया लेकर आत्महत्या की है। -डॉ. प्रमोद गिरी, संचालक, न्यूरॉन्स हॉस्पिटल


Created On :   23 Jun 2026 4:33 PM IST

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