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Nagpur News: अतिक्रमण : अस्पतालों से क्यों नहीं वसूला जाए चौगुना जुर्माना

Nagpur News धंतोली और रामदासपेठ क्षेत्रों में यातायात की अव्यवस्था तथा अस्पतालों द्वारा किए गए अवैध निर्माण के कारण पार्किंग की समस्या लगातार बनी हुई है। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों के बावजूद अब तक इन समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। इस स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए कोर्ट ने अस्पतालों से सीधा सवाल किया है कि अतिक्रमण किए जाने की स्थिति में कमर्शियल रेट के आधार पर चौगुना जुर्माना क्यों न वसूला जाए। कोर्ट ने मनपा को निर्देश दिए कि पार्किंग स्थल पर अतिक्रमण करने वाले अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएं। धंतोली नागरिक मंडल की जनहित याचिका पर मंगलवार को न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोडे की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई।
4 सप्ताह में मांगा जवाब : मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रति वर्ग फीट के आधार पर कमर्शियल दर क्या होगा, इस संबंध में पीडब्ल्यूडी से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। कमर्शियल दर की जानकारी मिलने के बाद मनपा को पार्किंग की जगह पर अतिक्रमण करने वाले अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। मनपा द्वारा जारी नोटिस के संबंध में संबंधित अस्पतालों को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए अदालत ने 4 सप्ताह का समय प्रदान किया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी पक्षों की सुनवाई के बाद ही जुर्माने की राशि निर्धारित की जाएगी। याचिकाकर्ता की ओर से एड. आशुतोष धर्माधिकारी, एड. अश्विन देशपांडे, मनपा की ओर से एड. जेमिनी कासट तथा राज्य सरकार की ओर से एड. दीपक ठाकरे ने पैरवी की।
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समिति करेगी निरीक्षण : अदालत ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि गठित की गई समिति प्रत्येक माह एक बार किसी भी अस्पतालों का आकस्मिक निरीक्षण करेगी। यदि निरीक्षण में यह पाया जाता है कि अस्पताल ने पार्किंग स्थल पर अतिक्रमण किया है, तो संबंधित अस्पताल से कमर्शियल दर के आधार पर चौगुना जुर्माना वसूला जाएगा। जो अस्पताल जुर्माने की राशि जमा नहीं करेगा, उसका लाइसेंस रद्द करने पर विचार किया जाएगा। अस्पतालों से जुर्माने के रूप में जमा होने वाली राशि जरूरतमंद मरीजों के इलाज और नागपुर के विकास कार्यों के लिए उपयोग में लाई जाएगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्किंग स्थल पर अतिक्रमण की समस्या केवल धंतोली और रामदासपेठ क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे शहर में व्याप्त है। अदालत ने याचिकाकर्ता को सुझाव दिया कि जनहित याचिका को केवल धंतोली और रामदासपेठ तक सीमित न रखते हुए इसका दायरा पूरे शहर तक विस्तारित किया जाए।
झूठी जानकारी दी गई : धंतोली की पार्किंग समस्या को लेकर यातायात पुलिस ने दिसंबर 2025 में शपथपत्र दाखिल कर नो पार्किंग जोन और वन-वे व्यवस्था लागू होने की जानकारी दी थी। मंगलवार की सुनवाई में इस पर आपत्ति उठने के बाद अदालत ने एड. गांधी से स्थल निरीक्षण कराया। निरीक्षण में नो पार्किंग जोन में वाहन खड़े पाए गए और वन-वे व्यवस्था लागू नहीं होने की पुष्टि हुई। इस पर अदालत ने शपथपत्र में गलत जानकारी दिए जाने को गंभीर मानते हुए यातायात विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और उनसे 16 फरवरी तक जवाब मांगा है।
Created On :   11 Feb 2026 12:21 PM IST














