Nagpur News: नागपुर में मियावाकी तकनीक से लगाए 18 हजार पौधे

नागपुर में मियावाकी तकनीक से लगाए 18 हजार पौधे
  • तीन साल में पौधे बन जाते हैं वृक्ष, पानी देने की जरूरत नहीं
  • सामाजिक वनीकरण के तहत हुआ वक्षारोपण

Nagpur News भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सामाजिक जिम्मेदारी का वहन करते हुए वर्धा रोड पर आक्सीजन पार्क के ठीक सामने मियावाकी तकनीक से 18 हजार पौधे लगाए। यह जापानी तकनीक है और एक मीटर में 3 पौधे लगाए जाते हैं। कम जगह में ज्यादा पेड़ लगाने से इसे अर्बन फॉरेस्ट भी कहा जाता है। एनएचएआई की जगह पर राज्य के सामाजिक वनीकरण विभाग के माध्यम से यह वनीकरण किया गया है। इसके लिए निधि भी एनएचएआई ने दी है।

35 से ज्यादा प्रजाति : पर्यावरण को बचाने व प्रदूषण कम करने के लिए एनएचएआई को वृक्षारोपण करना पड़ता है। एनएचएआई ने सामाजिक वनीकरण विभाग के माध्यम से वर्धा रोड पर आक्सीजन पार्क के ठीक सामने 0.30 हेक्टेयर में 9 हजार आैर दूसरे हिस्से में 0.30 हेक्टेयर 9 हजार पौधे लगाए। 35 से ज्यादा प्रजाति के पौधे लगाए गए हैं। बीच की खुली जगह पर एनएचएआई पर्यावरण संबंधी काम करेगा।

एक मीटर में तीन पौधे : सामाजिक वनीकरण विभाग ने बताया कि, सामान्यत: एक मीटर में एक पौधा लगाया जाता है, लेकिन मियाबाकी तकनीक से एक मीटर में 3 पौधे लगाए जाते हैं। 3 साल तक इसकी देखभाल व पानी दिया जाता है। तीन साल बाद ये पौधे वृक्ष बन जाते हैं। 3 साल बाद इसे एनएचएआई को सौंप दिया जाता है। कम जगह में ज्यादा पेड़ लगने से घने जंगल जैसा नजारा होता है।


Created On :   11 Feb 2026 1:22 PM IST

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