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Nagpur News: नागपुर में घरों के दाम देश में सबसे तेज बढ़े, 36 हजार करोड़ के सौदों का अनुमान

Nagpur News उपराजधानी में रियल एस्टेट बाजार ने नई रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ताज़ा हाउसिंग प्राइस इंडेक्स (एचपीआई) रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में नागपुर का सूचकांक 138.24 दर्ज किया गया है। जो देश के बड़े शहरों में सबसे अधिक है। इसके मुकाबले अखिल भारतीय एचपीआई 115.6 रहा। रिपोर्ट के अनुसार नागपुर में कीमतों में सालाना आधार पर 3.6% और पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 6.9% की वृद्धि हुई है। देश भर में आवासीय कीमतों में आई तेजी में नागपुर, चंडीगढ़ और जयपुर की प्रमुख भूमिका बताई गई है।
मुंबई-पुणे से आगे नागपुर : देश के 18 बड़े शहरों के स्टाम्प ड्यूटी रजिस्ट्रेशन के आधार पर एचपीआई तैयार करता है। राज्य में मुंबई और पुणे भी इस सूची में शामिल हैं। मुंबई का एचपीआई 105.90, पुणे का 112.41 और दिल्ली का 101.26 दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि वृद्धि दर के मामले में नागपुर ने मुंबई-पुणे को पीछे छोड़ दिया है।
तीन साल में 40 अंकों की छलांग : आरबीआई ने 2022-23 को आधार वर्ष माना है। उस वर्ष की पहली तिमाही में नागपुर का एचपीआई 98.08 था, जो अब बढ़कर 138.24 तक पहुंच गया है। यानी तीन वर्षों में करीब 40 अंकों का उछाल आया है। हालांकि, इस दौरान उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। 2023-24 की पहली तिमाही में सूचकांक 115.64 था। उसी वर्ष की चौथी तिमाही में घटकर 97 तक आ गया था। इसके बाद फिर तेजी लौट आई।
1,800 करोड़ स्टाम्प ड्यूटी : एचपीआई की गणना स्टाम्प ड्यूटी के आधार पर की जाती है। संपत्ति रजिस्ट्रेशन के समय दस्तावेजों में दर्ज कीमत को आधार माना जाता है। इस वर्ष नागपुर से राज्य सरकार को करीब 1,800 करोड़ रुपए स्टाम्प ड्यूटी मिलने का अनुमान है। यदि औसतन 5% स्टाम्प ड्यूटी दर के आधार पर गणना की जाए तो शहर में लगभग 36,000 करोड़ रुपए के प्रॉपर्टी सौदे होने की संभावना है।
चेन्नई का अलग मामला : रिपोर्ट में चेन्नई का एचपीआई 162 से अधिक बताया गया है। हालांकि, वहां वाणिज्यिक संपत्तियों को भी सूचकांक में शामिल किया गया है। चूंकि कमर्शियल प्रॉपर्टी की कीमतें अधिक होती हैं, इसलिए केवल आवासीय तुलना के आधार पर नागपुर को सबसे आगे माना जा रहा है।
अगले 10 साल ‘स्वर्णिम युग' नागपुर में तेज़ी से हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और सरकारी परियोजनाओं ने रियल एस्टेट बाजार को नई गति दी है। समृद्धि महामार्ग जैसी परियोजनाओं से शहर की पहुंच बढ़ी है, जिससे उद्योग और व्यापार को बढ़ावा मिला है। मेट्रो, सड़क विस्तार और नए नागपुर के विकास से रोजगार के अवसर बढ़े हैं। बड़े बिल्डर्स भी अब नागपुर का रुख कर रहे हैं। सरकारी प्रोजेक्ट्स के कारण आवासीय मांग में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसका सीधा असर घरों की कीमतों पर दिख रहा है। आने वाले दस साल नागपुर के लिए विकास और निवेश के लिहाज़ से ‘स्वर्णिम युग' रहने वाले हैं। -राज मोहन शाहू, अध्यक्ष, क्रेडाई नागपुर
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Created On :   28 Feb 2026 12:09 PM IST













