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Nagpur News: फर्जी ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट रोकने सख्त कदम, कारगर उपाय योजना

Nagpur News बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में दायर एक जनहित याचिका में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर (एनसीएल) प्रमाण-पत्रों की सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। मामले पर सोमवार को हुई सुनवाई में राज्य सरकार ने न्यायालय को बताया कि फर्जी ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र जारी न हों, इसके लिए प्रशासन नई उपाय योजनाएं तैयार कर रहा है और इस दिशा में सकारात्मक प्रयास जारी हैं।
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यह आरोप लगाए गए : एड. सुंदीप बदाना ने यह जनहित याचिका दायर की है। मामले पर सोमवार को न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोडे की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता का कहना है कि ईडब्ल्यूएस/एनसीएल प्रमाण-पत्र बिना किसी ठोस जांच-पड़ताल के जारी किए जा रहे हैं, जिससे अयोग्य लोग आरक्षण का लाभ उठा रहे हैं। विशेष रूप से मेडिकल कॉलेजों में भारी फीस वाली मैनेजमेंट और एनआरआई कोटा सीटों पर ईडब्ल्यूएस/ एनसीएल का दावा कर दाखिले लेने के मामले सामने आए हैं।
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सकारात्मक विचार जारी : पिछली सुनवाई में न्यायालय ने पूछा था कि फर्जी प्रमाणपत्रों को रोकने के लिए सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं। इस पर राज्य सरकार ने बताया कि इस संबंध में नई व्यवस्था लागू करने पर काम किया जा रहा है। साथ ही, याचिकाकर्ता के सुझावों पर भी सकारात्मक विचार किया जा रहा है। विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने के लिए राज्य सरकार ने समय अवधि मांगा, जिस पर न्यायालय ने अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है। याचिकाकर्ता एड. सुंदीप बदाना खुद पक्ष रखा, राज्य सरकार की ओर से एड. संगीता जाचक ने पैरवी की।
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Created On :   24 Feb 2026 12:25 PM IST












