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Nagpur News: सर्वेक्षण में कई खामियां - शहर में साइकिल चालकों के लिए ट्रैक-लेन नहीं, बड़ी बाधा

Nagpur News. शहर में बड़ी संख्या में नागरिक दैनिक जरूरतों के लिए साइकिल का उपयोग करते हैं, हालांकि, शहर की सड़क डिजाइन और यातायात नियोजन में साइकिल चालकों की जरूरतों को लंबे समय से नजरअंदाज किया गया है। इस संदर्भ में, आईटीडीपी इंडिया ने नागपुर, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ - इन तीन शहरों में -"हमारे शहरों में साइकिल चलाना’ शीर्षक से एक अध्ययन किया, जिसमें साइकिल चलाने के बुनियादी ढांचे के प्रबंधन और कार्यान्वयन में गंभीर कमियां सामने आईं। अध्ययन के अनुसार, 18% साइकिल चालकों ने कहा कि साइकिल ट्रैक और लेन का उपयोग करने में सबसे बड़ी समस्या बाधाएं हैं। इस अध्ययन में 605 लोगों (साइकिल चालक और गैर-साइकिल चालक दोनों) का सर्वेक्षण किया गया। तीनों शहरों में 152 किलोमीटर से अधिक के साइकिलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का आकलन किया गया। 72% साइकिल चालकों ने साइकिल ट्रैक पर खड़ी गाड़ियों को सबसे बड़ी बाधा बताया, इसके बाद फेरीवाले व अतिक्रमणों (66%) और साइकिल ट्रैक पर मोटर वाहनों (55%) को अड़चन माना।
चार तरह के लेन
सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य शहर में बन रही साइकिलिंग सुविधाओं के बारे में नागरिकों के विचारों को समझना था, ताकि भविष्य की योजना बेहतर ढंग से बनाई जा सके। वर्तमान में, शहर में चार प्रकार की साइकिलिंग सुविधाएं उपलब्ध हैं-फुटपाथ पर साइकिल ट्रैक, सड़क स्तर पर साइकिल ट्रैक, सड़क पर रंग-रोगन कर बनाई साइकिल लेन और यातायात नियंत्रण उपायों वाली साझा सड़कें।
चालक बड़ी संख्या में
सर्वे के अनुसार, सड़कों पर साइकिल चालक कम नजर आते हैं, लेकिन यह संख्या बड़ी है। नागपुर में आईटीडीपी इंडिया द्वारा किए गए एक प्रारंभिक सर्वेक्षण में रिंग रोड पर लगभग 160 साइकिल सवार, सेंट्रल एवेन्यू पर 148 साइकिल सवार और अमरावती रोड पर 138 साइकिल सवार दर्ज किए गए। इस दौरान, कई बच्चों ने कहा कि उनके माता-पिता उन्हें तेज गति से चलने वाले वाहनों के कारण साइकिल से स्कूल जाने की अनुमति नहीं देते हैं। कुछ बच्चों ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि उनके इलाके की सड़कों पर साइकिल ट्रैक बने हुए हैं।
महिला सुरक्षा बड़ा मुद्दा
सर्वेक्षण में शामिल 605 लोगों में से 160 महिला साइकिल चालक थीं। लगभग आधी महिलाओं ने कहा कि तेज़ गति से चलने वाले वाहन और नियमों का ठीक से पालन न होना मुख्य बाधाएं हैं। वहीं, 60% से अधिक महिलाओं ने खराब सड़कों और गड्ढों को सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंता का विषय बताया। 87% महिला साइकिल चालकों ने कहा कि वे वाहनों से अलग और सुरक्षित साइकिल ट्रैक को प्राथमिकता देती हैं।
डामर वाले से साइकिल ट्रैक बेहतर
52% साइकिल चालकों ने कहा कि कंक्रीट या पेवर ब्लॉक की तुलना में डामर से बने साइकिल ट्रैक अधिक आरामदायक होते हैं।
शहर में 11 किमी साइकिल ट्रैक
तीनों शहरों में मौजूदा बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने का अच्छा अवसर है। नागपुर में फिलहाल करीब 11 किलोमीटर साइकिल ट्रैक लेन हैं, जबकि पुणे में 91 किलोमीटर और पिंपरी-चिंचवड में 50 किलोमीटर हैं। इन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए, खासकर चौराहों पर, साइकिल ट्रैक/लेन का निरंतर निर्माण किया जाना चाहिए।
Created On :   8 Feb 2026 1:26 PM IST










