Nagpur News: यूनिवर्सिटी की सीनेट बैठक: पीएचडी थीसिस और तीन गुना फीस वृद्धि पर हंगामा

यूनिवर्सिटी की सीनेट बैठक: पीएचडी थीसिस और तीन गुना फीस वृद्धि पर हंगामा
जांच के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित

Nagpur News राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक शुक्रवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पुराने पीएचडी छात्रों की थीसिस और बीबीए-बीसीए पाठ्यक्रमों में बेतहाशा फीस वृद्धि को लेकर सदस्यों ने प्रशासन को जमकर घेरा। बैठक की कार्यवाही (मिनट्स) में पिछली चर्चाओं को शामिल नहीं किए जाने पर भी सदस्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।

‘परिपत्र' बनाम 'दिशा-निर्देश' पर अड़ा पेंच

वरिष्ठ सीनेट सदस्य डॉ. राजेश भोयर ने पुराने पीएचडी छात्रों को शोध प्रबंध (थीसिस) जमा करने की अनुमति रद्द करने के तरीके पर सवाल उठाए। विवि ने पहले दिशा-निर्देश 33/2025 जारी कर छूट दी थी, लेकिन जब इसे रद्द किया गया, तो केवल एक 'परिपत्र' जारी कर दिया गया। डॉ. भोयर के अनुसार नियमतः किसी दिशा-निर्देश को रद्द करने के लिए नया दिशा-निर्देश ही जारी होना चाहिए, न कि, साधारण परिपत्र। उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए इसे नियमों का उल्लंघन बताया।

फीस वृद्धि की होगी उच्चस्तरीय जांच

बैठक का सबसे गरमाया हुआ मुद्दा बीबीए और बीसीए पाठ्यक्रमों की फीस में की गई तीन गुना वृद्धि रहा। डॉ. भोयर ने आरोप लगाया कि, एआईसीटीई के स्पष्ट निर्देश थे कि, सत्र 2025-26 के लिए पुरानी फीस ही लागू रहेगी। बावजूद विश्वविद्यालय ने मई 2025 में ही फीस बढ़ाने का परिपत्र जारी कर दिया। सदस्यों के भारी दबाव और पारदर्शिता के सवालों को देखते हुए कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक ‘फैक्ट फाइंडिंग कमेटी' गठित करने के निर्देश दिए हैं।

इन मुद्दों पर भी तल्ख हुए तेवर

सीनेट बैठक में केवल फीस ही नहीं, बल्कि परिसर की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठे। कोर्स वर्क के दौरान छात्रों से अतिरिक्त लिए गए 7 हजार रुपए का मुद्दा गूंजा। कला, वाणिज्य और विज्ञान महाविद्यालयों के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार पर नाराजगी जताई गई। विवि परिसर की कैंटीन में खाने की घटिया गुणवत्ता और गंदगी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। विभिन्न समितियों के गठन के लिए सॉफ्टवेयर तैयार करने और ‘सेंटर फॉर कॉन्स्टिट्यूशनल स्टडीज' पर चर्चा हुई। सीनेट सदस्य इस बात से सबसे ज्यादा नाराज थे कि, पिछली बैठकों के 'मिनट्स' (कार्यवृत्त) में चर्चा की गई महत्वपूर्ण बातों को संक्षिप्त या गायब कर दिया गया था। सदस्यों ने इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने जैसा करार दिया।

खुशखबर... अब छात्रों को होस्टल में मिलेगा "वाई-फाई'

अगले सत्र के पहले उपलब्ध होगी सुविधा

नागपुर विद्यापीठ में बाहर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से पढ़ने के लिए आने वाले छात्रों के लिए अपर और लोअर होस्टल की व्यवस्था है, जबकि छात्राओं के लिए अलग से लेडीज होस्टल है। विद्यापीठ के इन सभी होस्टलों में अब वाईफाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। शुक्रवार को आयोजित सीनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। विद्यापीठ प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि, अगला शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले प्रत्येक होस्टल में वाई-फाई सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी, जिससे छात्रों को पढ़ाई और ऑनलाइन शैक्षणिक कार्यों में सुविधा मिलेगी।

Created On :   7 March 2026 3:31 PM IST

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