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विषेश मुहिम: सिख पर्यावरण दिवस मनाने को लेकर जागरूकता अभियान की शुरुआत, पौधा प्रसाद भेंट कर बुद्धिजीवियों का स्वागत

Nagpur News. उत्तर नागपुर स्थित दीपक नगर के गुरुद्वारा श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी की प्रबंधक कमेटी ने सिख बुद्धिजीवियों की संस्था पंच प्रधानी प्रबंध प्रणाली पंथक जत्था का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर कमेटी के मुख्य सेवादार रंजीत सिंह ताक ने जत्थे के प्रतिनिधियों को पौधा प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रबंधक कमेटी के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
14 मार्च को श्री गुरु हरि राय साहिब जी के गुरुगद्दी दिवस के अवसर पर सिख पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर उपराजधानी में पंच प्रधानी प्रबंध प्रणाली पंथक जत्था द्वारा सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के सहयोग से गुरु साहिब का संदेश घर-घर तक पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। संगत से अपील की गई है कि वे अपने घरों, दुकानों, गुरुद्वारों तथा आसपास के खाली इलाकों पर पौधा प्रसाद लगाएं, ताकि बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग के दुष्परिणामों को कुछ हद तक कम किया जा सके।
संस्था के वरिष्ठ सदस्य बलदेव सिंह ने बताया कि “सिख पर्यावरण दिवस” श्री गुरु हरि राय साहिब जी के जीवन को समर्पित दिवस है। इस अवसर पर सिख जत्थेबंदियों द्वारा वृक्षारोपण और उनकी देखभाल, पानी व ऊर्जा की बचत, तथा नगर कीर्तन और त्योहारों को प्लास्टिक-मुक्त और स्वच्छ बनाने का आह्वान किया गया।
बलदेव सिंह ने बताया कि पिछले सात वर्षों से विश्वभर में धार्मिक स्थलों और स्कूल-कॉलेजों में पौधे लगाए जाते हैं तथा “बूटा प्रसाद” (पौधे का प्रसाद) वितरित किया जाता है। दुनिया भर के गुरु नानक नाम लेवा सिख गुरुद्वारों में पर्यावरण विषय पर शब्द-कीर्तन, कथा, पानी और ऊर्जा संरक्षण से जुड़े सेमिनार तथा बच्चों की विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। सदस्य सरवन सिंह ने बताया कि इसी क्रम में बाबा बुड्ढा जी नगर स्थित पार्क के गुरु तेगबहादुर खालसा स्कूल में 14 मार्च दोपहर साढ़े 3 बजे से साढ़े 6 बजे तक बच्चों के लिए पेंटिंग, ड्रॉइंग और व्याख्यान प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें विजेताओं को पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
जत्थे की ओर से अपील की गई कि गुरुद्वारे सिखी के केंद्र हैं, इसलिए खाद्य पदार्थों के लिए प्लास्टिक का उपयोग बंद करने की मुहिम गुरुद्वारों से ही शुरु होनी चाहिए। इस अवसर पर सतपाल सिंह, इंदरजीत सिंह, महिंदर सिंह और सरवन सिंह का विशेष आभार व्यक्त किया गया।
इस मुहिम में सविन्दर सिंह, सिमरप्रीत सिंह, हरबीर सिंह भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
प्रबंधक कमेटी की ओर से तजिंदर सिंह, मंदीप सिंह संधू, मंदीप सिंह ढिल्लन, दलविंदर सिंह सैनी और जगतीज सिंह सोंध मुख्य रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने जत्थे का स्वागत किया।
जत्थे की अपील
- घरों, गुरुघरों, दुकानों और स्कूलों में पानी को व्यर्थ बहने न दें।
- बिजली और पानी की आवश्यकता की समीक्षा कर उनके उपयोग को कम करने का प्रयास करें।
- घरों, गुरुघरों और दुकानों के आसपास गंदगी न फैलाएं, हमेशा कूड़ेदान का उपयोग करें।
- गुरुद्वारों के साथ-साथ गुरुपर्व और नगर कीर्तन में खाद्य पदार्थों के लिए प्लास्टिक के उपयोग से बचें।
- अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और उनकी नियमित देखभाल करें।
सिख सिद्धांतों में प्रकृति का विशेष स्थान
सिखों के सातवें गुरु श्री गुरु हरि राय साहिब जी का जन्म कीरतपुर साहिब में हुआ था। यहीं उन्हें छठे गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी से फूलों और वन-जीवन के प्रति प्रेम, सम्मान और संरक्षण की शिक्षा मिली। गुरु जी ने इस जीवन-पद्धति को पूरे जीवन “दामन संकोच चलो” के सिद्धांत के रूप में अपनाकर दिखाया।
गुरु साहिब जी का प्रसिद्ध नौ लाखा बाग आज भी उनके जन्म स्थान गुरुद्वारा शीश महल, कीरतपुर साहिब में स्थित है। उस समय चाहे हिंदू हों, मुसलमान हों या सिख—सभी को गुरु जी से अपने रोगों के उपचार के लिए जड़ी-बूटियों और आयुर्वेदिक दवाइयों की सहायता मिलती थी।
गुरु जी ने हिरण, घोड़े, हाथी, बारहसिंघे और पक्षियों जैसे वन्य जीवों का पालन-पोषण कर उन्हें प्रकृति की गोद में सुरक्षित रखा और पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।
आज पृथ्वी के बढ़ते तापमान के कारण पूरी मानवता और वन-जीवन प्रभावित हो रहा है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और पानी की कमी जैसी समस्याएं भविष्य में गंभीर मानवीय संकट का कारण बन सकती हैं। ऐसे में गुरु साहिब का प्रकृति संरक्षण का संदेश आज और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है।
Created On :   6 March 2026 6:19 PM IST












