Nagpur News: युद्ध की दोतरफा मार, सूखा मेवा बाजार में उछाल , रमजान में पीक पर डिमांड

युद्ध की दोतरफा मार, सूखा मेवा बाजार में उछाल , रमजान में पीक पर डिमांड
पिस्ता, शाहजीरा, अंजीर और मनुका के दामों में 100 से 250 रु./ किलो की बढ़त

Nagpur News पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल तनाव और दूसरी ओर अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच छिड़े युद्ध ने थोक मेवा बाजार की कमर तोड़ दी है। दो प्रमुख व्यापारिक मार्गों के बाधित होने से नागपुर के बाजार में सूखे मेवों की आवक प्रभावित हो गई है। इसका सीधा असर कीमतों पर दिख रहा है, जहां पिस्ता, शाहजीरा, अंजीर और मनुका के दामों में 100 से 250 रुपए प्रति किलो तक का उछाल आया है। व्यापारियों का अनुमान है कि आनेवाले दिनों में बाजारों में पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के साइड इफेक्ट दिखने लगेंगे। व्यापारियों के अनुसार, रमजान के महीने में सूखे मेवे की डिमांड काफी बढ़ जाती है। रमजान का महीना शुरू होने के 2 महीने पहले ही थोक व्यापारियों ने स्टॉक भर लिया था, जिसके कारण इनके दाम में बढ़त सीमित है। यदि 15 दिनों के भीतर युद्ध विराम या बॉर्डर नहीं खुलते हैं, तो शादी-ब्याह के सीजन में भारी किल्लत और कीमतों में 20% की अतिरिक्त वृद्धि संभव है।

ईरान संकट: पिस्ता और शाहजीरा की सप्लाई चेन टूटी

ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट पर कामकाज प्रभावित होने और समुद्री मार्ग में जोखिम बढ़ने से ईरानी पिस्ता और शाहजीरा की खेप नहीं पहुंच पा रही है। थोक बाजार में ईरानी पिस्ता की कीमतों में 15% तक की वृद्धि देखी गई है। जो पिस्ता पहले थोक में 2050 में उपलब्ध था, वह अब 2,200 से 2300 के पार पहुंच गया है। खुददा में यह 2400 से 2800 रुपए हो चुका है। प्रीमियम मसालों में शामिल शाहजीरा के दाम भी 820 से उछलकर 850 रुपए प्रति किलो तक जा पहुंचे हैं। खुदरा में यह 1000 से 1100 रुपए बिक रहा है।

अफगान-पाक युद्ध : अंजीर और मनुका की किल्लत

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमावर्ती संघर्ष के कारण तोरखम और चमन बॉर्डर पूरी तरह बंद हैं। हजारों मालवाहक ट्रक सीमा पर फंसे होने के कारण नागपुर मंडी में अंजीर और मनुका की भारी कमी हो गई है। बाजार में अंजीर की कीमतों में 100 रुपए प्रति किलो की सीधी बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में गुणवत्ता के आधार पर अंजीर 500 से 2,500 प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है। काली और लाल मनुका में 100 से 150 रुपए की तेजी दर्ज की गई है। इनका भाव अब 600 से 850 रुपए प्रति किलो के बीच पहुंच गया है।

व्यापारियों की चिंता: कीमतों में और तेजी की संभावना

नागपुर के थोक व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान में बाजार पुराने स्टॉक के भरोसे चल रहा है। यदि अगले एक-दो सप्ताह में युद्ध की स्थिति शांत नहीं हुई और बॉर्डर नहीं खुले, तो स्टॉक पूरी तरह खत्म होने पर कीमतों में अतिरिक्त वृद्धि हो सकती है। शादी-ब्याह और आगामी त्योहारों के कारण मांग चरम पर है, लेकिन आपूर्ति न होने से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।


Created On :   10 March 2026 12:48 PM IST

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